उन्नाव। आठ जनवरी को नौ घंटे का ब्लाक मिलने पर रेलवे की तकनीकी टीम नॉन इंटरलॉकिंग कार्य को अंतिम रूप देगी। इससे केबिन का उपयोग समाप्त हो जाएगा। जंक्शन पर आने वाले चारों रूट की ट्रेनों के लिए सिग्नल व्यवस्था इलेक्ट्रानिक होगी।
श्रम व समय के साथ दुर्घटनाएं कम करने के लिए रेल प्रबंधन ने लखनऊ-कानपुर रूट के सभी स्टेशन के केबिन समाप्त किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत केबिन मैन व पोर्टर के बजाए अब सहायक स्टेशन मास्टर कक्ष से ही ट्रेन को प्लेटफार्म पर लेने के लिए पटरियां निर्धारित की जाएंगी। यहां कानपुर, लखनऊ, रायबरेली व बालामऊ की ओर से आने वाली यात्री व मालगाड़ियों को एक से पांच तक अलग-अलग प्लेटफार्म पर लाते हुए गंतव्य की ओर बढ़ाने के लिए अप-डाउन ट्रैक पर 62 प्वाइंट में प्रयोग में लाए जाते हैं। अंतिम दिन आठ जनवरी को प्लेटफार्म नंबर एक, दो व तीन का कार्य किया जाना है। अधिकारियों ने नौ घंटे का ब्लाक मांगा है। ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद न करना पड़े, इसलिए तीन-तीन घंटे के लिए ब्लॉक की मांग की गई है।