मुगुलपुर माइनर की खांदी कटने से खेतों में भरा पानी।
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अचलगंज। नहर और माइनर सफाई में सिंचाई विभाग द्वारा कराई गई सफाई की खानापूरी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। आए दिन खांदी कटने से फसलें डूबकर बर्बाद हो रही हैं। बुधवार रात शारदा नहर की मुगुलपुर माइनर में बेहटी गोपालपुर के पास खांदी कटने से 50 बीघा में बोई गई आलू व सरसों की फसल बर्बाद हो गई हैं। चार दिन पहले सोमवार को हसनगंज में खांदी कटने से 150 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई थी। दो दिन पहले निरीक्षण पर आए अपर मुख्य सचिव ने भी सफीपुर की देवगांव माइनर की सफाई पर लापरवाही पकड़ते हुए डीएम को जांच के आदेश दिए थे। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
आधी-अधूरी सफाई के बाद शारदा नहर की मुगुलपुर माइनर में बुधवार रात पानी छोड़ा गया। माइनर में झाड़ झंखाड़ उगा होने से पानी आगे नहीं जा पाया और बेहटी गोपालपुर के पास ओवरफ्लो हो गया। इससे खांदी कट गई और पानी तेज बहाव के साथ नजदीक के खेतों में जाकर भर गया।
रात का समय होने से किसानों को इसकी जानकारी नहीं हो पाई। 50 बीघे में बोई गई आलू, सरसों व गेहूं की फसल डूब गई। सुबह खेत पर पहुंचे किसानों ने पानी भरा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। गुरुवार सुबह सिंचाई विभाग के जेई अनुज कुमार व राजस्व अधिकारी अभिषेक मिश्र मौके पर पहुंचे और मजदूरों व ग्रामीणों की मदद से खांदी बंधवाई। बेहटी निवासी बालकृष्ण, मंटू, अयोध्या, दुर्गा, जगजीवनपुर निवासी अखिलेश, दिवाकर, बचौनू, शिव प्रसाद, सुनील, राज कुमार, सुखराम व शिवकिशोर समेत एक दर्जन किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों का कहना है कि करीब छह लाख का नुकसान हुआ है। बताया कि पिछले वर्ष भी यही हुआ था। ठेकेदार टेल तक कभी भी सफाई नहीं कराते हैं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।