मौरावां (उन्नाव)। हिलौली ब्लाक की ग्राम पंचायत मवई के मजरे लक्ष्मीखेड़ा में सचिव ने दो लाभार्थियों के नाम से फर्जी शौचालय निर्माण की फोटो विभागीय साइट पर अपलोड कर दी। जब लाभार्थियों को पैसा नहीं मिला तो इसकी शिकायत की गई। एडीओ पंचायत ने जांच की तो शौचालय की फर्जी फोटो अपलोड मिली। इस पर एडीओ ने सचिव पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।
ग्राम पंचायत मवई निवासी कोमल पत्नी अवधेश कुमार व मजरा लच्छीखेड़ा निवासी हनुमानदई पत्नी हनुमान का नाम शौचालय के लिए एनओएलबी (नो वन लेफ्ट बिहाइंड) सूची में शामिल किया गया था। नियमता लाभार्थियों के खातों में शौचालय की धनराशि 12 हजार दो किश्तों में भेजी जानी थी। लाभार्थियों को ही शौचालय का निर्माण कराया जाना था। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अंजू पटेल ने इन दो लाभार्थियों का खाता नंबर गलत फीड कर दिया। जिससे पात्रों के बजाए दूसरे व्यक्तियों के खाते में शौचालय की प्रोत्साहन धनराशि पहुंच गई।
बड़ी बात यह रही कि सचिव ने यह जानकारी एडीओ पंचायत रमन श्रीवास्तव को नहीं दी। यही नहीं बिना शौचालय निर्माण के दोनों लाभार्थियों की फीडिंग कराते हुए फर्जी फोटो अपलोड करा दी। जब लाभार्थियों के खातों में पैसा नहीं पहुंचा तो उन्होंने इसकी शिकायत की। जिस पर एडीओ पंचायत ने जांच पड़ताल शुरू की। एडीओ ने इसकी जानकारी ग्राम सचिव अंजू पटेल से की तो उन्होंने गलत जानकारी देकर भ्रमित करने का प्रयास किया। एडीओ पंचायत ने इस बात की जानकारी खंड विकास अधिकारी को दी। जिसके बाद पंचायत सचिव ने 4 नवंबर को जानकारी दी कि गलत व्यक्तियों के खाते से पात्र लाभार्थी कोमल एवं हनुमानदेई के खाते में प्रोत्साहन धनराशि स्थानांतरित हो गई है। बीडीओ ने सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी की। तीन दिन की समयसीमा में सचिव ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। अब सहायक विकास अधिकारी पंचायत रमन श्रीवास्तव ने इसे सरकारी धन का हेरफेर बताते हुए डीएम, सीडीओ व डीपीआरओ को पत्र भेजकर सचिव अंजू पटेल पर प्रशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की है।