बांगरमऊ के नानामऊ घाट पर जवान के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देते सेना के जवान।
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बांगरमऊ। बीमारी से हुई सेना के हवलदार की मृत्यु के बाद बुधवार भोर पहर पार्थिव शरीर घर लाया गया। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्रीय लोगों के अलावा पूर्व सैनिकाें की भीड़ लग गई। रेजीडेंस के जवानों ने नानामऊ घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।
बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के अंटवा गांव निवासी शिवकांत यादव वर्ष 2000 में सेना में हवलदार के पद पर नियुक्त हुए थे। राजस्थान के अलवर में वह तोपखाने में तैनात थे। दो नवंबर की सुबह ड्यूटी के दौरान उनके पेट में दर्द शुरू हुआ। जिस पर उन्हें दिल्ली के कैंट मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 16 नवंबर को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। दिल्ली में गॉर्ड ऑफ ऑनर के बाद बुधवार भोर पहर दिल्ली से सेना के जवान शिवकांत का पार्थिव शरीर उनके गांव अंटवा लेकर पहुंचे। शव देख परिवार में कोहराम मच गया।
पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए सैकड़ों की भीड़ पहुंची। कुछ देर बाद कानपुर रेजीडेंस से सेना के अफसर व जवान गांव पहुंचे। जिसके बाद पार्थिव शरीर को नानामऊ घाट ले जाया गया। यहां सेना के अफसरों के अलावा पूर्व सैनिकों, परिजनों व ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित किए। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। मृतक सैनिक शिवकांत की मृत्यु से पत्नी नीलम, 10 वर्षीय पुत्री प्राची व मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार शिवकांत के बड़े भाई रमाकांत की एक साल पहले किडनी फेल हो जाने से मौत हो चुकी है।