समूह गान प्रतियोगिता से बच्चों में संस्कारों का विकास होता है और इससे बच्चे अपना विकास करते हुए समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान देते हैं। उक्त बात सरस्वती विद्या मंदिर में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता में वक्ताओं ने कहीं।
रविवार को हुए कार्यक्रम का शुभारंभ भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष राधेश्याम गुप्त अग्रहरि ने मां सरस्वती व विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन कर किया।
उन्होंने कहा कि समूह गान के माध्यम से बच्चों में संस्कारों का विकास होता है। प्रांतीय उपाध्यक्ष डा. होमेश्वर देव भारद्वाज ने कहा कि समूह गान प्रतियोगिता अच्छा वातावरण होने के साथ ही बच्चे समाज व राष्ट्र के निर्माण के उत्थान में महत्वपूर्ण अंग बन सकते हैं।
इस दौरान हिंदी व संस्कृत गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम स्थान सरस्वती विद्या मंदिर एबी नगर तथा द्वितीय स्थान सरस्वती विद्या मंदिर पूरन नगर रहे। वहीं लोकगीत प्रतियोगिता में सरस्वती विद्या मंदिर को प्रथम व सरस्वती विद्या मंदिर पूरन नगर को द्वितीय स्थान मिला।
इस दौरान धर्मेंद्र सिंह चौहान, शुभी मिश्रा, कुसुम सोनी, अजीत पाल सिंह, ठाकुर प्रसाद जायसवाल, रघुनंदन प्रसाद जायसवाल, केडी शर्मा,जयकरन सिंह चौहान, सुमनलता, शांती सिंह, सुरेश मिश्र आदि मौजूद रहे। विजयी टीमें इटावा में 22 नवंबर को प्रांतीय प्रतियोगिता में भाग लेंगी।