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Unnao News: बाल कल्याण समिति ने पुलिस को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

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उन्नाव। एसपी कार्यालय के पास किशोरी से हुए दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को पीड़िता किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष उपस्थित हुई। पीड़िता के ताई के साथ रहने की इच्छा जताने पर उसे ताई के सुपुर्द किया गया। वहीं बाल कल्याण समिति ने पुलिस को नोटिस देकर किशोरी के साथ हुई घटना की सूचना देर से देने पर जवाब मांगा है।
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सदर कोतवाली के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी और उसका भाई शहर के कचहरी व आसपास घूमकर पानी के पाउच बेचते थे। 17 अगस्त को दोनों भाई-बहन एसपी कार्यालय के पास कचहरी के सामने चाय के ठेले के पास पड़ी बेंच पर सो गए थे। इसी दौरान किशोरी से चाय दुकानदार केवटा तालाब बस्ती निवासी शैलेंद्र सिंह ने दुष्कर्म किया था।
पीड़िता के भाई की तहरीर पर पुलिस ने किशोरी का डाक्टरी परीक्षण कराकर दुकानदार पर पाक्सो एक्ट व दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पूरे मामले का बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लिया और सही समय पर सूचना न देने पर पुलिस से नाराजगी जताई। वहीं, ताई के साथ रह रही किशोरी को मंगलवार को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया। जहां किशोरी ने अपनी ताई के साथ ही गांव में रहने की बात कही। इस पर बोर्ड ने उसे ताई के साथ भेज दिया। साथ ही एक सप्ताह बाद फिर बुलाया।
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उधर, मामले में लगातार लापरवाही बरत रही पुलिस को नोटिस जारी किया है। बाल संरक्षण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि किशोरी को ताई के साथ ही भेजा गया है। एक सप्ताह बाद बुलाया गया है। वहीं, घटना में कोतवाली पुलिस की ओर से देर से जानकारी दिए जाने के कारण नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। पूछा गया है कि आखिर घटना की सूचना 24 घंटे के भीतर क्यों नहीं दी गई।

मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलेगी दुष्कर्म पीड़िता को सहायता
उन्नाव। बेहटामुजावर थानाक्षेत्र के गांव की दुष्कर्म पीड़िता को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसके अलावा, रानी लक्ष्मीबाई योजना से भी शासन द्वारा अनुमन्य राशि दी जाएगी।
दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने 23 अगस्त को बच्ची को जन्म दिया था। समय पूर्व प्रसव होने से नवजात बच्ची की 25 अगस्त को मौत हो गई थी। गर्भपात को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल वाद में दिए गए आदेश के बाद जिला प्रशासन पीड़िता की दवा सहित अन्य खर्चे वहन कर रहा है। डीएम गौरांग राठी ने बताया कि पीड़िता को रानी लक्ष्मीबाई योजना के माध्यम से शासन द्वारा दी जाने वाली राशि दिलाई जाएगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। बताया कि पुलिस को जल्द कार्रवाई करके रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर ही सहायता राशि दिलाई जाएगी। (संवाद)
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