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अबकी रुलाएगी बिजली, चैत्र में जेठ जैसी तपिश

Mon, 04 Apr 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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मौसम में फेरबदल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भीषण गर्मी का कहर बढ़ने लगा है। चैत्र में जेठ की गर्मी जैसी तपिश लोगों को बेहाल करने लगी है। रविवार इस सीजन का सबसे गरम दिन रहा। इस दौरान सड़कें सूनी नजर आईं और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। अधिकतम तापमान जहां 37 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं न्यूनतम पारे में जबरदस्त उछाल रहा। इस बार अभी से रिकार्ड तोड़ गर्मी के आसार नजर आ रहे हैं।
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चैत्र में लोगों को जेठ की गर्मी का अहसास होने लगा है। रविवार को भीषण गर्मी से लोग बेहाल नजर आए। तेज धूप से बचाव के लिए महिलाएं व युवतियां जहां चेहरे को दुपट्टे से ढके नजर आईं। वहीं लोग सिर पर अंगोछा रखकर ही घर से बाहर निकले। तेज धूप के चलते लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त नजर आया।
मौसम के जानकारों की मानें तो अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही है। इसके चलते गर्मी का कहर बढ़ता जा रहा है। इस कारण रविवार को लोग भीषण गर्मी से बिलबिला उठे। इस दौरान गर्मी से बचाव के उपाय नाकाफी साबित हुए। भीषण गर्मी ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया, जो लोग निकले,  वह अंगोछा व छाता लिए नजर आए। महिलाएं चेहरे पर कपड़ा, फुल आस्तीन दस्ताने और आंखों पर चश्मा लगाने के बाद घर निकलने की हिम्मत जुटा पाईं। भीषण गर्मी का ही नतीजा रहा कि अभी से सड़कों पर बाजारों में सन्नाटा नजर आने लगा है। गर्मी से वृद्ध, युवा व बच्चे सभी परेशान नजर आए। घरों में एसी, कूलर चलने शुरू हो गए।
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लू-डायरिया के लक्षण व बचाव के टिप्स
फुल आस्तीन कपड़े पहनें। सिर और चेहरा ढककर चलें। पानी पीने के बाद ही घर से निकलें। एसी कूलर रूम से सीधे धूप में न जाएं। धूप से आकर तुरंत पानी-कोल्ड ड्रिंक न पीएं। बार-बार प्यास लगना, तेज सिर दर्द होना, कमजोरी लगना व चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा होना, बेहोशी आना, पतले दस्त होना, हथेली और पैर के तलवों में जलन होना, त्वचा में झुर्रियां पड़ना, ब्लड प्रेशर लो होना।
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