यह सद्विचार परम संत सतपाल महाराज ने सद्भावना सम्मेलन में व्यक्त किए। रविवार को गदनखेड़ा स्थित मानव उत्थान सेवा समिति के सद्भावना सम्मेलन के समापन पर उन्होंने लोगों को अध्यात्म की ताकत का अहसास कराया।
उन्होंने कहा कि अध्यात्म ज्ञान को जानकर जब हम स्वयं को बदलेंगे तभी हजारों परिवार, गांव, शहर व देश को बदला जा सकेगा। कहा कि संसार में आज सब कुछ है, लेकिन मनुष्य कर्महीन मनुष्य को कुछ नहीं मिलता। उन्होंने सभी से कर्मयोगी बनने की बात कही। कहा कि प्रत्येक देशवासी को देश के सर्वांगीण विकास में योगदान करना होगा। सभी को मिलजुल कर देश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए जाकरूक होना होगा।
विभु जी ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है कि सभी लोग देश के लिए स्वयं को जागृत करें, जब समाज बदलेगा तो विश्व बदल सकेगा। कहा कि धर्म के मार्ग में चलने वाले के रास्ते में कठिनाइयां तो आती हैं, लेकिन उसे मंजिल अवश्य मिलती है। इस मौके पर अनिल वर्मा, धर्मपाल, उदय प्रताप, रामशंकर भदौरिया, डॉ. अनिल, जुगल किशोर जायसवाल, कल्लू प्रसाद, प्रमोद कुमार गुप्ता, रामऔतार, सुशील पटेल, होरीलाल, रामबाबू, गिरधारी लाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में दी आहुति
उन्नाव। ग्राम हलबलखेड़ा में 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन ग्राम जमुका, दुआ, नंदौली, बक्काखेड़ा, चांदपुर, हुसैन नगर के लोगों ने पूर्णाहुति दी। यज्ञ गायत्री तपोवन से पधारे ऋषि मुनियों कार्तिकेय, छबीलदास मिश्र, लक्ष्मण, जगदीश पाटीदार, धीरेंद्र कुमार तिवारी, जगन्नाथ उपाध्याय, बलबीर ने संपन्न कराया। कार्यक्रम में वीरेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, गीता सिंह के अलावा दर्जनों भक्तों ने यज्ञशाला में उपस्थित होकर आहुतियां दी। आयोजक महादेव प्रसाद वर्मा, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, छेदीलाल, ऋचा प्रजापति ने अतिथियों का स्वागत व सम्मान किया।