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Unnao News: चैत्र नवरात्र का शुभारंभ नौ अप्रैल से, घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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उन्नाव। चैत्र नवरात्रि नौ अप्रैल यानि मंगलवार से शुरू होने जा रहे हैं। इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं। नवरात्रि को लेकर बाजारों में जरुरत की चीजों की दुकानें सज गई हैं। लोगों ने खरीदारी भी शुरू कर दी है।

इस वर्ष चैत्र नवरात्रि नौ अप्रैल से प्रारंभ हो रहे हैं। नवाबगंज के आचार्य पं. अमित मिश्रा ने बताया कि चैत्र शुक्ल पक्ष का पहला दिन नव सवंत्सर का सबसे महत्वपूर्ण एवं पुनीत दिवस होता है। इस दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। इसलिए सनातनी इसे महाउत्सव के रूप में भी मनाते हैं। इस दिन जो वार पड़ता है, उसको ही वर्ष का राजा मानते हैं।
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इस प्रकार मंगल वर्ष के राजा हुए हैं, क्योंकि नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से ही हो रही है। बताया कि नवरात्रि की अष्टमी 16 अप्रैल को मनाई जाएगी। व्रत पारायण व श्रीराम नवमी 17 अप्रैल को होगी। नवरात्रि कलश स्थापना मुहूर्त सुबह 5:50 से 10:03 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त 11:44 बजे तक होगा।

घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा

आचार्य के मुताबिक, देवी भागवत पुराण के अनुसार, नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के दौरान वाहन का विशेष महत्व होता है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से हो रही है और जब नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से होती है तो माता का वाहन घोड़ा होता है। घोड़े पर सवार होकर माता रानी का धरती पर आगमन शुभ नहीं माना जाता है। इससे कई गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। नवरात्रि में माता का आगमन घोड़े पर होता है तो समाज में अस्थिरता, तनाव, अचानक बड़ी दुर्घटना, भूकंप चक्रवात, सत्ता परिवर्तन, युद्ध आदि की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है।


शुभ परिणाम के लिए ऐसे करें पूजा

आचार्य का कहना है कि घोड़े पर माता का आगमन शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में इस नवरात्रि में माता की पूजा क्षमा प्रार्थना के साथ करें। पूरे दिन विधिवत पूजा करने के बाद क्षमा प्रार्थना करने से माता प्रसन्न होंगी और शुभ फल देंगी।
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खरीदारों की भीड़ से बाजार रहा रोशन
उन्नाव। बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ने लगी है। बड़े व छोटे चौराहे में दुकानें सज गई हैं। नारियल से लेकर गरी तक की बिक्री होती रही। इसके अलावा व्रत रखने वालों ने फलाहारी सामान सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, आलू की बनी चीजें, साबूदाना, सूखे मेवे, मूंगफली दाना, सेंधा यानी लाहौरी नमक, सिंघाड़े के आटे की खरीदारी की।
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