उन्नाव। राज्य पोषण मिशन की बैठक में सीडीओ ने जिलास्तरीय अधिकारियों को जुलाई माह में गोद लिए दोनों गांवों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को टीकाकरण, पोषाहार वितरण आदि व्यवस्थाओं का जायजा लेने की भी बात कही।
सीडीओ ने कहा कि अधिकारी वात्सल्य संस्था द्वारा बताए गए कार्यों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी को उपलब्ध कराएं। अधिकारी माह में 2 दिन गोद लिए गांवों के लिए निकालें। प्रयास करें कि बुधवार या शनिवार को जाएं।
वहां जाकर कुपोषित बच्चों के बारे में जानकारी प्राप्त करें। उनका वजन कराकर निर्धारित पोषाहार का वितरण अपने सामने कराएं। उनके घर के आसपास सफाई आदि का भी निरीक्षण करें। धात्री महिलाएं, गर्भवतियों और किशोरियों से यह जानकारी प्राप्त करें कि उन्हें नियमित रुप से आयरन की गोलियां दी जा रही हैं अथवा नहीं।
अधिकारियों को गोद लिए गांवों की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। वात्सल्य संस्था लखनऊ के प्रतिनिधि इंद्रजीत सिंह ने कहा कि अधिकारी इस अभियान में विशेष रुचि नहीं ले रहे हैं। मिशन 10 वर्ष के लिए लाया गया है। इसे तीन चरणों में बांटा गया है। तीन वर्ष के पहले चरण में कुपोषण, सूखा रोग, बौनापन मेें 5 प्रतिशत तक की कमी लानी है। बैठक में डीपीओ शीरी मसूद ने आवश्यक जानकारी दी। इस दौरान 61 जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।