संवाद न्यूज एजेंसी
चकलवंशी/चमियानी। मुख्य विकास अधिकारी ने टीम के साथ शारदा नहर के सुदेशाबहादुरपुर व टेनई माइनरों का निरीक्षण किया। सही सिल्ट सफाई न होने से सीडीओ ने विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को फटकार लगाई। किसानों से बात कर हकीकत जानी तो कुछ स्थानों पर माइनर से सिल्ट न निकाले जाने की जानकारी मिली।
मंगलवार को सीडीओ ऋषिराज ने टीम के साथ बिछिया, मियागंज आदि क्षेत्रों में जाकर नहर, माइनरों की सफाई का जायजा लिया। इस दौरान सुदेशा बहादुरपुर और हसनगंज क्षेत्र के टेनई माइनर का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि टेनई माइनर पांच किमी से अधिक है। हेड से उसकी सिल्ट सफाई कराई गई है। अधूरी सफाई देख सीडीओ कर्मचारियों पर भड़क उठे।
मवेशी चरा रहे ग्रामीणों से माइनर की सफाई के बारे में पूछा। ग्रामीणों ने सफाई में कोरम पूरा किए जाने की बात कही। सीडीओ ने बताया कि सफाई में कमियां मिली हैं। रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। इस दौरान मनरेगा उपायुक्त महेंद्र चौबे, एक्सईएन शारदा नहर शैलेश कुमार, सहायक अभियंता सार्थक, बीडीओ सफीपुर गुलाब सिंह, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता मोहम्मद अरसद सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
सीडीओ ने रजबहा पुरवा के कसरौर व मोइद्दीनपुर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान माइनर की सफाई संतोषजनक नहीं मिली है। मनरेगा उपायुक्त महेंद्र चौबे व बीडीओ डॉ. संतोष श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
जब नहर, माइनर में पानी तब निरीक्षण का कोरम पूरा करने निकले अफसर
वर्तमान समय में नहर, माइनरों में पानी चल रहा है। इस समय अधिकारी निरीक्षण पर निकले हैं। जिस पर ग्रामीणों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि जब पानी भरा हुआ है तब सफाई की जानकारी कैसे हो सकेगी। इसका मतलब साफ है कि अधिकारी भी केवल कोरम पूरा करने ही निकले हैं। हर साल यही होता है। अफसर निरीक्षण का कोरम पूरा करने निकलते हैं लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं होती है। जिस कारण विभागीय अधिकारी के हौसले बढ़ जाते हैं और हर साल उसी प्रकार सफाई में खानापूर्ति करते हैं।