एक्सप्रेस-वे पर कैटल कैचर के साथ खड़े कर्मी।
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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर हादसों की वजह बने मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए यूपीडा ने कैटल कैचर दस्ता तैनात किया है। एक्सप्रेस-वे पर घूमते पाए जाने वाले मवेशियों को पकड़ा जाएगा। जुर्माना चुकाने के बाद ही उसे छोड़ा जाएगा।
एक्सप्रेस-वे पर होने वाले हादसों में अस्सी फीसदी हादसे मवेशियों की वजह से हो रहे हैं। मवेशी किसी न किसी तरह से एक्सप्रेस-वे तक पहुंच ही जाते हैं। तेज रफ्तार वाहन मवेशियों को बचाने दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। इस साल एक्सप्रेस-वे अब तक 37 वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए जिनमें 14 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 22 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसों को रोकने के लिए यूपीडा ने अब कैटल कैचर की व्यवस्था की है। कैटल कैचर पर चालक, सुपरवाइजर व दो सहायक नियुक्त कर दिए गए हैं। सुपरवाइजर महिपाल सिंह ने बताया कि कैटल कैचर लखनऊ से लेकर बांगरमऊ तक लगातार गश्त करेगा। बताया कि एक्सप्रेस-वे पर जानवर घूमते मिलते हैं तो उन्हें पकड़ा जाएगा और गोशाला भेज दिया जाएगा।
48 घंटे बाड़े में रहेंगे
कैटल कैचर वाहन के सुपरवाइजर महिपाल सिंह ने बताया कि यूपीडा द्वारा चयनित स्थान पर बाड़ा बनाया जाएगा। जहां एक्सप्रेस-वे से पकड़े गए मवेशियों को 48 घंटे तक रखा जाएगा। 48 घंटे में अगर पशु पालक उन्हें छुड़ाने पहुंचते हैं तो उससे 500 जुर्माना लिया जाएगा। अगर पशुपालक 48 घंटे में नहीं आते हैं तो मवेशियों को गोशाला भेज दिया जाएगा।