कटरी पीपरखेड़ा के रविदास नगर पानी टंकी के पास तहसील प्रशासन ने अभियान चला कर सरकारी जमीन पर वर्षों से रह रहे कच्ची बस्ती के बाशिंदों को बेदखल कर दिया। लेखपाल की शिकायत पर एसडीएम सदर जसजीत कौर ने बस्ती को हटाने के निर्देश दिए। फोर्स के साथ नायब तहसीलदार पहुंचे और सरकारी जमीन पर बनी करीब डेढ़ सौ से अधिक मडै़या को ढहा दिया। गुस्साएं लोगों ने तहसील प्रशासन व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं ग्रामीणों और पूर्व प्रधान का कहना है कि वह हाईकोर्ट तक लड़ाई लडे़ंगे।
कटरी पीपरखेड़ा के पूर्व ग्राम प्रधान नीरज अवस्थी ने बताया कि रविदास नगर स्थित पानी की टंकी के निकट करीब साढ़े चार बीघे जमीन पर वर्षों से लोग बसे थे। जिन्हें पट्टा कराने के लिए उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बार डीएम अवगत कराया लेकिन किसी का पट्टा नहीं होने दिया गया। शनिवार को तहसील प्रशासन पुलिस फ ोर्स के साथ पहुंचा और यहां जमीन पर काबिज लोगों को हटा दिया। जिस तरह की कार्रवाई की गई है वह पूरी तरह से गलत है। जिसके लिए वह पब्लिक के साथ हाईकोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे। बताया कि पुलिस प्रशासन ने पब्लिक व उनके साथ अभद्रता की जिसके बाद लोग आक्रोशित हुए। वहीं इस बारे में नायब तहसीलदार ने बताया कि कोई गलत कार्रवाही नहीं की गई है। स्थानीय लेखपाल परमेश्वर ने बताया कि साढ़े चार बीघा जमीन जो की सरकारी थी उस पर हाल में कुछ लोगों ने कब्जा कर मडैंया बना दी थी जिसकी शिकायत की थी। एसडीएम सदर जसजीत कौर ने बताया कि जो भी कब्जे हटाए गए है वह सभी गलत थे, हाल में ही सभी लोग यहां बसे थे हरिजन पट्टे ऐसे लोेगों को दिए जाते है जो कई वर्षों से रह रहें हो। लेखपाल ने शिकायत की थी जिसके बाद कार्रवाई की गईं। वहीं गंगाघाट एसओ अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि किसी के साथ कोई अभद्रता नहीं की गई मौके से माहौल खराब करने वाले एक युवक को पकड़ा गया।
इनसेट-
44 सौ बीघा चट कर गए भूमाफि या
पूर्व प्रधान कटरी पीपरखेड़ा नीरज अवस्थी ने बताया कि ग्राम सभा में जीएस की करीब 44 सौ बीघा जमीन थी। जिसे धीरे-धीरे कर कटरी के भूमाफि यों ने बेंच डाली। जिन पर प्लाटिंग तक करा दी गई है। जिस पर जिला प्रशासन की निगाहें नही जा रहीं है।