पाटन(उन्नाव)। पिछले कई वर्षों से विवादित चल रहा बक्सर में सीमा विवाद का मामला हल नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को फि र बीघापुर व बिंदकी तहसील के राजस्व अधिकारियों की बक्सर पुलिस चौकी में मैराथन बैठक चली। कोई हल न निकलने पर अधिकारियों ने कमिश्नर राजस्व को पत्र लिखकर मामले का हल निकालने का अनुरोध किया।
बक्सर में बालू खनन प्रारंभ होने के बाद उठा सीमा विवाद का मामला शुक्रवार को भी अनसुलझा ही रह गया। शाम करीब 3 बजे बक्सर पुलिस चौकी में फ तेहपुर की बिंदकी तहसील व बीघापुर तहसील के एसडीएम, तहसीलदार समेत एक दर्जन लेखपालों की फि र मैराथन बैठक हुई। फ तेहपुर जनपद के बिंदकी तहसील के गुनीर ग्राम पंचायत द्वारा लगातार खननस्थल को अपनी भूमि बताया जा रहा है। गुनीर प्रधान आशीष सिंह के दावे को लेकर पिछले दो वर्षों में कई बार दोनों जनपदों के राजस्व अधिकारी कई कई दिन तक माथापच्ची कर चुके हैं। गत वर्ष इसी सीमा विवाद को सुलझाने के लिए सेटेलाइट से भी भूमि की पैमाइश की गई थी।
हालांकि बावजूद इसके कोई भी हल नहीं निकल सका था। इस भूमि पर बक्सर ग्राम पंचायत के लोग पिछले कई पीढ़ियों से खेती करते आ रहे हैं। इतना ही नहीं तहसील के राजस्व अभिलेखों में बाकायदा उनकी जमीनें नजरी नक्शा के साथ दर्ज हैं और कंप्यूटरीकृत इंतखाब खतौनी आदि भी निकलती है। जबकि इसी भूमि को बिंदकी तहसील के राजस्व अधिकारी गुनीर ग्राम पंचायत की भूमि बता रहे हैं। इस दावे की पुष्टि के लिए उनके पास राजस्व अभिलेखों के प्रमाण के नाम पर महज एक नक्शा मात्र है। एसडीएम दयाशंकर पाठक व तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा बक्सर पहुंचे। उन्होंने बिंदकी तहसीलदार, लेखपाल व कानूनगो से बात की। दोनों जनपदों के राजस्व अधिकारियों ने अपने नक्शे टेबल पर रखकर करीब चार घंटा बैठक कर बातचीत की। एसडीएम दयाशंकर पाठक ने बताया कि फ तेहपुर जनपद की तहसील के पास गुनीर क्षेत्र का वर्ष 1913 का नक्शा है जबकि बीघापुर तहसील के पास 1987 का नक्शा व गजट उपलब्ध है। दोनों पक्षों द्वारा कोई निर्णय न ले पाने की स्थिति में कमिश्नर राजस्व को पत्र लिखकर निर्णय करने की मांग की। इस दौरान बक्सर व गुनीर के ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे।