उन्नाव के नवाबगंज में लखनऊ-कानपुर हाईवे की अजगैन कोतवाली के पास देर रात कावड़ियों से भरी एक मिनी बस ट्रक में पीछे से घुस गई। हादसे में बस में 30 श्रद्धालु चुटहिल हो गए। एक होटल संचालक की मदद से सभी को प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराने के बाद दूसरे वाहन से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
वहीं घटना के दूसरे दिन दोपहर तक हाईवे की रेस्क्यू टीम ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को नहीं हटवाया। बाराबंकी के लोधेश्वर महादेव मंदिर से दर्शन करके श्रद्धालुओं की मिनी बस कानपुर की ओर जा रही रही थी। कानपुर देहात के रजिस्ट्रेशन संख्या की बस कस्बे में आगे चल रहे ट्रक में घुस गई।
हादसे में लगभग तीस श्रद्धालुओं को मामूली चोर्टें आइं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे की वजह आगे चल रहे एक ट्रक के अचानक ब्रेक लेने से पीछे चल रही बस टकरा गई। हादसे में रनिया भोगनीपुर की श्यामा(40), रेखा(45), सोनम(20), राकेश(44), सरोज(55), केसनपाल(60), संदीप(25), प्रदीप(22), राहुल(18), विशाल(25), ऋषभ(22), प्रेमा(35), गोकुल(28), अखिलेश(30), जितेंद्र(30), शिवा(22), रविंद्र(25), सचिन(22), अंकुश(22), रामनरेश(38), देवेश(35), अंगद(45) सहित तीस लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
कोतवाल संतोष कुमार ने बताया कि घटना की उनके पास कोई सूचना नहीं आई। वहीं घटना के बाद भी हाईवे की रेस्क्यू टीम द्वारा क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से न हटाने से दिनभर अन्य हादसों की आशंका बनी रही।