फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुजुर्ग पिता को खुरपा व डंडे से हमलाकर मार डाला

विज्ञापन
रामपाल की हत्या के बाद रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : amarujala
विज्ञापन
मामा के घर कानपुर देहात गई बेटी को लेने जाने के लिए पांच सौ रुपये न देने से नाराज मानसिक रूप से बीमार बेटे ने वृद्ध पिता की डंडे व खुरपे से हमलाकर हत्या कर दी। वृद्ध के साथ खेत पर मौजूद नाती ने घर वालों को घटना की जानकारी दी। सूचना पर एसओ टीम के साथ पहुंच गए। हत्यारोपी के बड़े भाई की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन



बारासगवर थानाक्षेत्र के संतनगर गांव निवासी इंद्रपाल की बेटी शारदा एक सप्ताह पहले जिला कानपुर देहात के गांव कौड़िया में अपने मामा के यहां गई थी। इंद्रपाल बेटी को लाने के लिए कानपुर देहात जाना चाहता था। वह पिता रघुराज (90) से किराये व अन्य खर्च के लिए पांच सौ रुपये मांग रहा था। रघुराज सुबह से अपने पौत्र सुनील पुत्र रामपाल के साथ खेत की सिंचाई कर रहा था। दोपहर को वह खाना खाने घर गया था। इस दौरान इंद्रपाल ने फिर रुपये मांगे। रघुराज रुपये न होने की बात कहकर फिर से खेत पर चला गया। इससे आक्रोशित इंद्रपाल कुछ देर में खेत पर पहुंचा। उसने पिता पर डंडे से ताबड़तोड़ कई वार कर हत्या कर दी। खुरपे से भी वार किए।  घटना से घबराया  सुनील भागकर घर पहुंचा। उसने परिवार के लोगों को जानकारी दी। परिवार और गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। तब तक रघुराज की मौत हो चुकी थी।

सूचना पर एसओ अजय कुमार त्रिपाठी फील्ड यूनिट टीम के साथ पहुंच गए। उन्होंने जांच की। पुलिस ने वहीं बदहवास टहल रहे हत्यारोपी बेटे को हिरासत में ले लिया। हत्यारोपी इंद्रपाल के बड़े भाई रामपाल ने पुलिस को बताया कि इंद्रपाल करीब चार साल से मानसिक रूप से बीमार चल रहा है। उसका कानपुर और लखनऊ में इलाज कराया गया है। पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थानाध्यक्ष अजय त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन


करीब चार साल से चल रहा इंद्रपाल का इलाज
मृतक रघुराज का हत्यारोपी बेटा इंद्रपाल करीब चार साल से मानसिक रूप से बीमार है। उसका इलाज कानपुर व लखनऊ के दो डाक्टरों से चल रहा है। इसी बीमारी के चलते उसने यह कदम उठा लिया। उसका खर्च भी पिता व भाई ही उठाते हैं। रुपये उसके पास न होने से वह आगबबूला हो गया।

खेत पर ही रहता था रघुराज
मृतक के बेटे रामपाल ने बताया कि पिता रघुराज खेत पर ही रहते थे। वहीं खेती का काम देखते थे। वह सुबह और रात को सिर्फ खाना खाने घर आते थे। सुबह खाना खाने के बाद वह खेतों की ओर गए थे। खेतों में खड़ी धान की फसल में पानी लगाने के साथ ही एक खेत की जुताई होनी थी। उसी को लेकर घर में नहीं रुके थे।

एक सप्ताह पहले पत्नी बच्चों के साथ गई थी मायके
हत्यारोपी इंद्रपाल की पत्नी ज्ञानवती बेटे यश कुमार(5) व बेटी शारदा (8) के साथ एक सप्ताह पहले जिला कानपुर देहात के गांव कौड़िया स्थित मायके गई थी। दो दिन पहले इंद्रपाल का साला रमेश पत्नी व बेटे को गांव छोड़ गया था। बेटी शारदा अभी मामा के यहां ही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें