मौलिक नियुक्ति न मिलने से नाराज प्रशिक्षुओं ने बीएसए कार्यालय में जमकर हंगामा काटा। सुबह से दोपहर तक धरना देने के बाद महिला प्रशिक्षुओं ने बीएसए के मुख्य द्वार पर बैठ गईं। उसके बाद किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को गेट के बाहर निकलने तक नहीं दिया। बीईओ मुख्यालय के समझाने पर झड़प भी हुई।
बाद में बीएसए से फोन पर वार्ता की तो उन्होंने 19 अक्टूबर को विज्ञप्ति जारी करने का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हो सका।
शासनादेश जारी होने के बाद भी मौलिक नियुक्ति न दिए जाने से नाराज प्रशिक्षु ने सुबह बीएसए कार्यालय के बाहर धरना दिया। यहां यादवें्रद्र यादव ने कहा कि जब तक मौलिक नियुक्ति नहीं दी जाती तब तक कार्य बहिष्कार चलता रहेगा। विवेक शुक्ला ने कहा कि विभाग की लापरवही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मौलिक नियुक्ति न मिलने तक प्रतिदिन बीएसए कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। राधा द्विवेदी का कहना था कि हम लोग लगातार स्कूलों में जाकर पढ़ाई करा रहे थे। न तो पूरा मानदेय दिया गया और न ही अब शासनादेश जारी होने के बाद मौलिक नियुक्ति दी जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यहां प्रशिक्षुओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि 'नहीं चलेगी कोई युक्ति, हमे चाहिए मौलिक नियुक्तिÓ इस दौरान कुलदीप सिंह, अमित श्रीवास्तव, राजीव वर्मा, अरुण पटेल, ध्यान सिंह, दीपक द्विवेदी, आनंद कुमार, दीपक शर्मा, प्रभा गुप्ता व ज्योति मौजूद रहीं।
प्रशिक्षु की बाइक ले गए चोर - धरने में शामिल होने आए कानपुर विजय नगर के प्रशिक्षु मनोज कुमार की धरने के दौरान चोरों ने बाइक पार कर दी। धरना समाप्त होने के बाद जब वह पहुंचे तो उनकी बाइक गायब थी। वह साथियों के साथ कोतवाली पहुंचे और बाइक चोरी की तहरीर दी।