रक्षाबंधन नजदीक आते ही शहर में राखियों की दुकानें सजने लगी हैं। इस बार राखियों की खरीदारी में च्वाइस का ट्रेंड बदला है। महिलाएं विदेशी के बजाए मथुरा, जयपुर में बनी राखियों पर ज्यादा रुचि दिखा रही हैं। इसके चलते दुकानदारों ने भी चाइना की जगह स्वदेशी राखियों की ही स्टॉक उठाया है।
गुरुवार को बहन व भाई के प्रेम और अटूट बंधन का त्योहार रक्षाबंधन है। रविवार को शहर के मुख्य बाजारों में भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। मार्केट में राखी व कपड़ों की दुकानों में भीड़ दिखने लगी। रक्षाबंधन के पहले पड़ने वाले रविवार को महिलाओं ने राखी व कपड़ों की खरीदारी शुरू कर दी है। रविवार को बहनें अपने भाईयों के लिए रक्षा का धागा राखी खरीदने बाजारों में पहुंची। महिलाएं रेशमी धागे वाली राखी, गोल्ड प्लेटेड चेन वाली राखी, सिल्वर चेन की राखी को काफी पसंद किया। यह राखियां बाजार में 5 से 40 रुपये में उपलब्ध हैं। इसके अलावा शहर की विश्वंभर दयाल मार्केट में सोने चांदी के दुकानदारों की माने तो महिलाएं चांदी की राखियों की ओर भी आकर्षित हो रही हैं। जिनकी कीमत तीन सौ से पांच सौ रुपये के बीच है। वहीं छोटे बच्चों को मार्केट में मौजूद गुड़िया-गुड्डे वाली राखियां भी युवतियों को खूब लुभा रही हैं।
राखी ग्रीटिंग भी खूब बिक रहे
जिन बहनों के भाई अन्य प्रदेश व देश में निवास कर रहे हैं और वह इस त्योहार पर उनके पास राखी बंधवाने नहीं पहुंच सकते हैं। उनके लिए बाजार में मौजूद मनमोहक राखी ग्रीटिंगों को भी बहनों ने खूब पसंद किया। यह ग्रीटिंग बाजार में 25 से 65 रुपये की कीमत में उपलब्ध हैं।