ट्रैक की सफाई न होने से मवेशियों को साक्षात ‘मौत’ अपनी ओर खींच रही है। आए दिन मवेशी ट्रेनों की चपेट में आते हैं और ट्रेनें घंटों खड़ी रहती हैं। ट्रैक किनारे उगी घास, जंगली पौधे व खाने-पीने की बची वस्तुओं की सफाई के लिए कर्मचारियों की भारी भरकम फौज के बाद भी यह हाल है।
उन्नाव जंक्शन पर तीन साल से साफ-सफाई के लिए टेंडर न होने से स्थित बेहद बदहाल थी। लेकिन पिछले महीने रेलवे ने टेंडर निकालकर 18 सफाई कर्मियों की तैनाती की है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह सफाई कर्मी पूरी ड्यूटी न करते हुए सिर्फ खानापूरी ही करते हैं। सफाई कर्मी प्लेटफार्मों पर झाड़ू लगाने के बाद यहां के कूड़े को ट्रैक पर ही फेंक देते हैं। इससे स्टेशन किनारे घूम रहे मवेशी ट्रैक पर पहुंच जाते हैं। वहीं रेलवे के पीडब्ल्यूआई भी ट्रैक पर उगी घास को साफ कराने की जहमत नहीं उठाते हैं और मवेशी ट्रैक पर घास व पड़े खानपान के सामान को चरने के लिए यहां पहुंच जाते हैं और इसी दौरान यहां से निकल रही ट्रेनों की चपेट में आकर इनकी मौत तक हो जाती है। ट्रेनों की चपेट में आने से ट्रेनें घंटों खड़ी रहीं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टेशन अधीक्षक विश्राम ने बताया कि इसपर घ्यान दिया जाएगा और नियमित सफाई कराई जाएगी।