उन्नाव। डिप्थीरिया पीड़ित चार साल की बच्ची की मौत के बाद उसके भाई की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। सात दिन में एक ही घर में दो मौत के बाद गांव में खलबली मच गई है।
अजगैन क्षेत्र के विक्रमखेड़ा गांव निवासी संजीत के आठ साल के बेटे सात दिन पूर्व डिप्थीरिया के लक्षण पाए गए थे। इसपर परिजनों उसे जिला अस्पताल भर्ती कराया था। हालत में सुधार न होने पर रविवार को बच्चे को लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मालूम हो कि संजीत की ही चार साल की बेटी दीपाली को दस दिन पहले गले में दिक्कत हुई। परिजन पहले पास के डॉक्टरों के पास दवा इलाज कराते रहें।
22 सितंबर को हालत गंभीर होने पर सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर जिला अस्पताल रेफर किया था। जहां रास्ते में ही बच्ची की मौत हो गई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने दोनों की मौत की पुष्टि नहीं कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में अभी तक 22 बच्चों की मौत और 184 में संक्रमित हो चुके हैं। वहीं जिला अस्पताल के डिप्थीरिया वार्ड में आठ बच्चों का इलाज चल रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य टीम भेज कर संदिग्ध लक्षणों से रोगियों की जांच कराकर दवाएं दी जा रही हैं।
आरोग्य मेले में हुई 20 बुखार मरीजों की मलेरिया जांच
उन्नाव। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें बुखार पीड़ित 20 मरीजों की मलेरिया जांच की गई। हालांकि सभी रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके अलावा बुखार के 69, पेट संबंधित 141, त्वचा रोगी 178, सांस के 53 सहित 1656 मरीज पहुंचे। वहीं 10 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि सभी मरीजों का परीक्षण कर डॉक्टरों ने जांच और रोगों से बचाव की सलाह दी। (संवाद)