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दलालों को बताया प्राइवेट कर्मी, काम कराने गए लोग फंसे

Thu, 03 Mar 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला, उन्नाव
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एआरटीओ दफ्तर में दलालों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने बुधवार को छापेमारी की। हर बार की तरह इस बार भी पुलिस के हत्थे काम कराने आए लोग ही चढ़े। दलालों को प्राइवेट कर्मी बताकर बचा लिया गया। पकड़े गए लोगाें को पुलिस कोतवाली लाई। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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दलालों के बढ़ते हस्तक्षेप की शिकायत एआरटीओ प्रशासन ने 29 फरवरी को एसपी से की थी। शिकायत के बाद बुधवार को एएसपी रामकि शुन यादव के नेतृत्व में सीओ आरके सिंह, ट्रेनी सीओ वैभव पांडेय व कोतवाली प्रभारी प्रदीप यादव ने एआरटीओ कार्यालय में छापेमारी की। एक साथ पुलिस की चार गाड़ियां देख कार्यालय में भगदड़ मच गई। दलाल तो वहां से रफूचक्कर हो गए, लेकिन काम कराने गए छह लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें गाड़ी में बैठा लिया। छापेमारी के दौरान अधिकारियों के चहेते दलाल उनके इर्द-गिर्द ही घूमते रहे लेकिन उन्हें यह कहकर बचा लिया गया कि वह यहां के प्राइवेट कर्मचारी हैं। लगभग आधा घंटे तक पुलिस कार्यालय में टहलती रही लेकिन एक भी दलाल उनके हत्थे नहीं चढ़ा।  एआरटीओ कार्यालय में दलालों का राज है। कदम-कदम पर दलाल हावी हैं। 29 फरवरी की दोपहर दो दलाल एआरटीओ कार्यालय पहुंचे थे। एकाउंटेंट अशोक वर्मा से बस में फस्ट एड बाक्स लगाने की बात कही थी। एकाउंटेंट ने जबरन काम करने से मना करने के मना करते हुए एआटीओ से मिलने की बात कही थी। अशोक वर्मा ने बताया कि दोनो दलाल बदसलूकी पर उतर आए। सरकारी धन तो वह नहीं ले जा सके लेकिन लाइसेंस का काम देख रहे एक प्राइवेट कर्मी की जेब में पड़े रुपये निकाल ले गए। यह बात अशोक ने एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई को बताई। सूचना के बाद भी वह भी कार्यालय गई थीं और एसपी नेहा पांडेय से इसकी शिकायत की थी। जिसके चलते छापेमारी की गई। कोतवाली प्रभारी प्रदीप यादव ने बताया कि पकड़े गए लोगों को कोतवाली लाकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
कोट
कार्यालय में दो लोगों ने आकर अकाउंटेंट से बदसलूकी की थी। इसकी मौखिक शिकायत एसपी से की गई थी। जिसके चलते छापेमारी हुई है। अकाउंटेंट अशोक वर्मा के आने पर कोतवाली में लिखित तहरीर दी जाएगी। पैसे छीनने की बात मेरी जानकारी में नहीं है।  माला बाजपेई,  एआरटीओ प्रशासन
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