उन्नाव। कोरारी कला समेत करीब दो दर्जन गांवों की 50 हजार की आबादी मुश्किल में फंसी है। इन्हें शहर से जोड़ने वाला ब्रिटिश कालीन पुल जर्जर हो चुका है। जो कभी भी हादसे का कारण भी बन सकता है। इसके बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीण तहसील दिवस में डीएम से पुल निर्माण की मांग कर चुके हैं।
शारदा नहर पर कोरारी कला जाने वाले मार्ग पर बना करीब 150 साल पुराना पुल अब ताकत खो चुका है। यह मार्ग कोरारी कला के साथ ही ठकुरीखेड़ा, जमका, अरेड़वा, उनमेदखेड़ा, कोरारी खुर्द, मिश्रीखेड़ा समेत करीब दो दर्जन गांवों को अचलगंज-लालगंज मार्ग से जोड़ता है।
इन गांवों में रहने वाले किसान, छात्र व नौकरीपेशा लोग रोजाना इसी पुल से होते हुए शहर तक आते-जाते हैं। कई साल पहले शारद खंड के अधिशासी अभियंता द्वारा पुल से दोनों छोरों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाया जा चुका है। जिसमें साफ तौर पर पुल के कमजोर होने की बात लिखी हुई है और भारी वाहनों का प्रवेश निषेध किया गया है। लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण रोजाना जान हथेली में लेकर इसी पुल से गुजर रहे हैं।
बीते दिनों तहसील दिवस में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल को पुल की जर्जर हालत बताते हुए इसके निर्माण की मांग की थी। जिलाधिकारी ने जल्द इस पर कार्यवाही का आश्वासन भी दिया था लेकिन अभी तक न तो पुल का निर्माण शुरू हुआ और न ही इसकी मरम्मत ही कराई गई। यही नहीं गांव की ओर अगर कोई भारी वाहन जाता भी है तो उसे बीस किमी का अतिरिक्त चक्कर भी लगाना पड़ता है। जिससे न सिर्फ समय बल्कि भाड़ा भी ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।