कानपुर के काकादेव में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा युवक दिल्ली परीक्षा देने गया था। मंगलवार को छात्र का शव कानपुर के भौंती रेलवे लाइन किनारे मिला। मृतक के पास मिले विजटिंग कार्ड से सचेंडी पुलिस ने शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। बुधवार को परिजन शव लेकर पहुंचे तो कोहराम मच गया।
पुरवा कस्बे के गढ़ापार निवासी उमाशंकर श्रीवास्तव का पुत्र ज्ञानेश श्रीवास्तव (22) कानपुर के काकादेव में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। ज्ञानेश 18 मई को घर आया था। इसके बाद दिल्ली परीक्षा देने चला गया। 21 मई को दिल्ली में परीक्षा देने के बाद अपनी बहन के यहां रुक गया। छात्र मंगलवार को कानपुर के लिए रवाना हुआ।
दोपहर होने तक पुत्र की किसी तरह की लोकेशन न मिलने पर उमाशंकर संगे संबंधियों से बेटे का पता लगाने में जुट गए। दोपहर बाद सचेंडी थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने ज्ञानेश का शव भौंती रेल ट्रैक किनारे मिलने की सूचना दी तो परिजन सन्न रह गए। उमाशंकर रिश्तेदारों के साथ सचेंडी थाने पहुंचे। बुधवार को पीएम होने के बाद छात्र का शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। एकलौते बेटे की मौत से मां अनीता का रो-रो कर बुरा हाल था।