बोर्ड परीक्षा आज से शुरू हो रही है। इसमें 153 परीक्षा केंद्रों पर 71,625 परीक्षार्थी अपनी साल भर की मेहनत का परिणाम लिखेंगे। बुधवार को डीआईओएस व अन्य अधिकारी परीक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। वहीं परीक्षा नकल विहीन कराने के लिए नौ जोनल मजिस्ट्रेट, 25 सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ चिह्नित केंद्रों पर स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट का पहरा होगा।
यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद् इलाहाबाद बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की वार्षिक परीक्षाएं 16 मार्च (आज) से शुरू हो रही हैं। डीएम अदिति सिंह ने बोर्ड परीक्षा नकल विहीन कराने के लिए परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि परीक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। सिटिंग प्लान से लेकर कक्ष निरीक्षकों की तैनाती का डाटा कंपलीट कर केंद्र व्यवस्थापकों को जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने बताया कि जिले के 28 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट का पहरा रहेगा। इसके अलावा परीक्षा के दौरान फ्लाईग स्क्वायड की विशेष निगरानी रहेगी। वहीं परीक्षा के दौरान किसी भी सेंटर पर हीलाहवाली की शिकायत आने पर विभागीय पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। कंट्रोल रूम नंबर 0515-2820760 में किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज होने पर तत्काल जोनल मजिस्ट्रेट को सूचना ट्रांसफर होगी। जिसके बाद एसडीएम जांच कर सख्त कार्रवाई करेंगे। परीक्षा निगरानी में डीएम ने नौ जोनल मजिस्ट्रेट, 25 सेक्टर मजिस्ट्रेट को नियुक्त किया है।
4206 कक्ष निरीक्षक करेंगे निगरानी
डीआईओएस ने बताया कि 153 परीक्षा केंद्रों पर 4206 कक्ष निरीक्षक तैनात होंगे। इसमें से 3606 माध्यमिक के शिक्षक तो 600 शिक्षक बेसिक स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कक्ष निरीक्षकों के पास आई कार्ड होगा।
परीक्षा कक्ष में यह नहीं ले जा सकेंगे
परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में कोई भी प्रतिबंधित वस्तु लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा। जिसमें कि जूता, पर्स, बैग, लेडीज बैग, हेयर बैंग, जमेट्री बाक्स, मोबाइल आदि प्रतिबंधित है।
विषय विशेषज्ञ शिक्षक नहीं बनेंगे कक्ष निरीक्षक
बोर्ड परीक्षा नकल विहीन कराने के लिए शासन स्तर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं। निर्देश में परीक्षा की निष्पक्षता बरकरार रखने के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी से मुक्त रखा गया है। जिसके तहत डीआईओएस ने विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को कक्ष निरीक्षकों की जिम्मेदारी से दूर रखा है।
संवेदनशील केंद्रों का ब्यौरा
उन्नाव (सदर) में छह, बीघापुर में दो, पुरवा में छह, हसनगंज में पांच, सफीपुर में तीन, बांगरमऊ में छह हैं।
नौ जोनल व 25 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात
बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया सिस्टम का खेल न कर सके। इसके लिए डीएम ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया हैं। डीएम ने 153 परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए नौ जोनल मजिस्ट्रेट व 25 सेक्टर मजिस्ट्रेट नामित किया हैं। साथ ही स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए जाएंगे। मजिस्ट्रेट चिह्नित केंद्रों के साथ ही अन्य केंद्रों पर औचक छापेमारी कर परीक्षा की मानीटरिंग करेंगे।
सरकार बदलते ही बोर्ड परीक्षा की मानीटरिंग सख्त
उन्नाव। पीएम ने एक चुनावी सभा में यूपी बोर्ड परीक्षा के सिस्टम को निशाने पर लिया और अब यूपी में भाजपा के सत्ता में आते ही शिक्षा विभाग के अफसर भी खासा चौकन्ने हो गए हैं। जिला प्रशासन और डीआईओएस ने भी नकल माफियाओं पर निगरानी के लिए अपने विश्वसनीय कर्मियों को परीक्षा केंद्रों की मानीटरिंग में लगाया है।
सरकार बदलते ही बोर्ड परीक्षा पर सुरक्षा का पहरा और सख्त होता जा रहा है। सूत्रों की मानें तो परीक्षा के एक दिन पहले डीआईओएस राकेश कुमार ने अपने विश्वसनीय कर्मचारियों व कुछ शिक्षकों की एक विशेष टीम गठित की है। जो परीक्षा के दौरान कंट्रोल रूम से संपर्क में रहने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों के इर्दगिर्द एक साधारण व्यक्ति की तरह चहलकदमी कर वहां के बारे में लोगों से हकीकत साझा करेंगे। इसके अलावा केंद्रों की भी विशेष निगरानी करेंगे।
टीम के सदस्य लापरवाही उजागर होने पर अधिकारी को मौके से ही रिपोर्ट करेंगे। साथ ही अन्य बिंदुओं की रिपोर्ट कार्यालय में उपलब्ध कराएंगे। विशेष टीम की चौकसी से कार्यालय के जिम्मेदार तक सशंकित नजर आ रहे हैं। डीआईओएस राकेश कुमार ने विशेष टीम के गठन पर कुछ भी स्पष्ट तो नहीं बोले लेकिन जैसे भी हो परीक्षा नकल विहीन कराने की बात कही। वहीं नकल सामग्री बरामद होने पर केंद्र व्यवस्थापक के साथ ही कक्ष निरीक्षक पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही।
407 छात्राओं की कैसे होगी तलाशी
बांगरमऊ। कस्बे के सुभाष इंटर कालेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जहां 407 छात्राएं पंजीकृत हैं। जबकि परीक्षा केंद्र पर एक भी महिला शिक्षक की तैनाती नहीं की गई है। महिला शिक्षक की तैनाती न होने से केंद्र व्यवस्थापक छात्राओं की तलाशी कैसे होगी कि बात सोचकर परेशान है। केंद्र व्यवस्थापक प्रताप सिंह ने डीआईओएस को फोन कर समस्या निदान की मांग की है। इसके अलावा केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि दो तहसीलों की उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन केंद्र भी है, लेकिन अभी तक विद्यालयों की सूची तक उपलब्ध नहीं हो सकी है।
परीक्षाओं के कारण धारा 144 लागू
सीएसजेएम यूनिवर्सिटी कानपुर, सीबीएसई परीक्षाओं के साथ ही गुरुवार से यूपी बोर्ड परीक्षाएं भी शुरू हो रही है। परीक्षाओं के कारण डीएम अदिति सिंह ने जिले में बुधवार से धारा 144 लागू की है। जो 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। डीएम ने आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं।