उन्नाव। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए भाजपा ने सबसे पहले प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुनावी चौसर पर अपनी चाल चल दी है। अब सभी की नजर सपा, कांग्रेस और बसपा पर है। इन तीनों दलों के समर्थित प्रत्याशियों का राजनीतिक कद और क्षेत्र में पैठ चुनाव के नतीजे तय करेंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सबसे ज्यादा घमासान जिला पंचायत सदस्य पद को लेकर है। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को समर्थित प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी।
इसके बाद से विपक्षी दल सपा, कांग्रेस और बसपा में भी हलचल तेज हो गई है। उम्मीद है कि यह तीनों दल भी जल्द ही प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करेंगे। विपक्षी दल किसे समर्थन देकर चुनाव मैदान में उतारते हैं। इस पर प्रत्याशी का राजनीतिक व सामाजिक कद ही चुनावी हार जीत तय करेगा।
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नाराज दावेदार अंदर खाने कर रहे विरोध
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए भाजपा से टिकट दावेदारी करने वालों का आंकड़ा छह सौ पहुंच गया था। कई कद्दावरों का टिकट कटने से पार्टी में अंदर खाने खींचतान शुरू हो गई है। कोई खुद को टिकट न मिलने से नाराज है तो कोई अपने नजदीकी के लिए की गई सिफारिश को नजर अंदाज करने को अपनी तौहीन बताकर चुनाव में सबक सिखाने की बात कह रहा है।
हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी इसे शुरुआती प्रतिक्रिया बताते हुए आने वाले दिनों में सब ठीक हो जाने और मिलजुल कर पार्टी प्रत्याशी को जिताने के दावे कर रहे हैं।
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सपा एमएलसी ने किया तंज
पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर को प्रत्याशी बनाए जाने पर सपा एमएलसी सुनील साजन ने ट्वीट करते हुए भाजपा पर तंज कसा है। ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि भाजपा ही ऐसी पार्टी है जो अपने ग्राहकों का ख्याल रखती है। वह जेल चला जाए तो परिवार को टिकट देकर भरपाई कर देती है।