उन्नाव। देश की आजादी के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद चंद्रशेखर आजाद की 109वां जयंती 7 जनवरी को मनाई जाएगी। हर साल उनकी जन्मस्थली बदरका में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।
प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक उनके योगदान का गुणगान करते हैं। उनकी जन्मस्थली का कायाकल्प करने को बड़ी-बड़ी घोषणाएं भी करते हैं, किंतु अभी तक अमल नहीं हुआ। चंद्रशेखर आजाद का गांव आज भी बदहाल है। उनकी जन्मस्थली तक पहुंचने को ढंग का रास्ता तक नहीं है।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी, पूर्व केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व प्रधानमंत्री बीपी सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी, पूर्व राज्यपाल मो. उस्मान आरिफ, पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद आदि नेता आजाद की जन्मस्थली पहुंचकर श्रद्धांजलि दे चुके हैं।
इन नेताओं ने गांव के विकास को वादों की झड़ी लगा दी। सपा मुखिया मुलायम सिंह ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल सन् 2006 में प्रमुख सचिव को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद का जन्म शताब्दी वर्ष मनाने और जन्मस्थली के संपूर्ण विकास कराने को कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे।
कमेटी में तत्कालीन नगर विकास व संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां को अध्यक्ष, पर्यटन मंत्री कोकब हमीद, पंचायतीराज मंत्री बलराम यादव, कृषि व धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ. अशोक बाजपेई, उद्यान मंत्री राजकिशोर सिंह, कारागार मंत्री राकेश कुमार वर्मा व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार वन वीरेंद्र सिंह को सदस्य बनाने के आदेश जारी किए थे। इस कमेटी का गठन 15 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक इस ओर किसी भी नेता, जिम्मेदार व्यक्ति व अधिकारी ने ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा।