नवाबगंज (उन्नाव)। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर चमरौली गांव के पास सड़क किनारे खड़े गिट्टी लदे खराब डंपर में शनिवार रात बाइक सवार मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) पीछे से भिड़ गया।
हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। भाई ने डंपर नंबर के आधार पर अजगैन कोतवाली में तहरीर दी। बाइक सवार हेलमेट लगाए था।
सफीपुर कोतवाली के दरौली गांव निवासी गोविंद बाजपेई (33) बॉक्सोन फार्मा कंपनी में एमआर था। वह लखनऊ में किराए का कमरा लेकर रहता था और वहीं काम करता था। रविवार को छुट्टी होने से शनिवार रात करीब 11 बजे वह बाइक से गांव जा रहा था। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अजगैन कोतवाली क्षेत्र के चमरौली गांव के पास गिट्टी लदे खराब खड़े डंपर में बाइक पीछे से भीड़ गई। घटना में गोविंद गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस ने एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन आनन-फानन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। छोटे भाई शिवम बाजपेई ने डंपर नंबर के आधार पर तहरीर दी। रविवार सुबह पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बेटे की मौत से किसान पिता सर्वेश बाजपेई व मां उमेशा देवी सहित अन्य परिजन बेहाल हैं। गोविंद तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था।
अजगैन कोतवाली प्रभारी अवनीश सिंह ने बताया कि हाईवे पर गिट्टी लदा डंपर अचानक से खराब हो गया था। चालक ने डंपर को सड़क के बाईं ओर किनारे खड़ा किया था। चारों ओर हरे पेड़ की डंडियों के साथ संकेतक भी लगाया था। इसके बाद वह मैकेनिक की तलाश में चला गया तभी बाइक सवार उसी डंपर में पीछे से टकरा गया।
हादसे का शिकार हुए गोविंद बाजपेई का विवाह बांगरमऊ के उतमानपुर में तय हुआ था। 20 फरवरी को मंगनी भी हो गई थी। नवंबर महीने में शादी तय थी। पिता सर्वेश ने बताया कि गोविंद ही परिवार चलाता था। उसने पहले अपनी छोटी बहन की शादी की थी। फिर अपनी करने जा रहा था।
नियमानुसार हाईवे पर खराब होने वाले वाहनों को सड़क से किनारे करने की जिम्मेदारी एनएचएआई की होती है। एनएचएआई को इसके लिए पेट्रोलिंग वाहन मिला हुआ है। उसके बाद भी रात में हाईवे की पेट्रोलिंग नहीं की जाती है। अगर ऐसा हो रहा होता तो शायद डंपर हटता और हादसा न होता। रेस्क्यू ऑपरेशन टीम इंचार्ज संजय सिंह ने बताया कि घटना से पूर्व खराब खड़े डंपर की सूचना आई थी। चालक से बात करने पर बताया कि खराबी ठीक कराने की कोशिश कर रहे हैं। इससे टीम को मौके पर जाने से रोक दिया गया था। हादसे की सूचना मिलने के बाद टीम ने रेस्क्यू कर डंपर हटवा दिया।
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