उन्नाव। बिहार कांड में चार्जशीट दाखिल होने के बाद शुक्रवार को पहले दिन आरोपियों को जेल से न्यायालय लाया गया। सीजेएम के अवकाश पर होने से पेशी टल गई। अब शनिवार को फिर से सभी पांचों आरोपियों को पेशी पर जेल से न्यायालय लाया जाएगा।
पांच दिसंबर को बिहार थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता को जला दिया गया था। दो दिन बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मरने से पूर्व दुष्कर्म पीड़िता के बयान के आधार पर गांव के प्रधानपति हरिशंकर त्रिवेदी, उसके बेटे शुभम, गांव के शिवम व उमेश बाजपेई समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मामले की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच दल) ने 20 दिन बाद 26 दिसंबर को आरोप पत्र तैयार कर 27 दिसंबर को सीओ बीघापुर के यहां भेज दिया। कोर्ट बंद होने से आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल नहीं किया जा सका था। एक जनवरी को कोर्ट के खुलने पर पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया था।
शुक्रवार को आरोपियों की पहली पेशी थी। दोपहर लगभग 12 बजे पांचों आरोपियों को जेल से लाकर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। आरोपियों के वकील संजीव कुमार त्रिवेदी ने बताया कि सीजेएम विराट सक्सेना के अवकाश पर होने से फाइल एसीजेएम तृतीय के यहां भेजी गई। बहस न हो पाने से शनिवार 4 जनवरी की तारीख दी गई। जिस पर आरोपियों को कोर्ट से फिर जेल ले जाया गया। आरोपियों के अधिवक्ता संजीव त्रिवेदी ने बताया कि शनिवार को एसीजेएम के यहां आरोपियों की पेशी होगी।