दिवंगत मशहूर फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार को यूसुफ खान से दिलीप कुमार बनाने में उन्नाव की अहम भूमिका रही है। सफीपुर कस्बे में जन्मे विख्यात लेखक व साहित्यकार बाबू भगवतीचरण वर्मा द्वारा लिखित ज्वार भाटा फिल्म से 1944 में दिलीप कुमार को फिल्म इंडसट्री में ब्रेक मिला।
नायक की भूमिका में अपनी पहली फिल्म करने वाले यूसुफ खान को दिलीप नाम बाबू भगवतीचरण वर्मा ने ही दिया था। फिल्म हिट हुई और यूसुफ हमेशा के लिए दिलीप हो गए। साहित्यकार बाबू भगवती चरण वर्मा का जन्म 30 अगस्त 1903 को सफीपुर कस्बे मे हुआ था।
उनके पिता एडवोकेट देवीचरण वर्मा मूल रूप से कानपुर के पटकापुर के रहने वाले थे। लेकिन दो संतानों चतुर्भुज और हरिश्चन्द्र के निधन के बाद एक आचार्य ने उन्हें स्थान बदलने की सलाह दी। मोहल्ला बबरअली खेड़ा में किराए पर रहे थे। बाबू भगवतीचरण वर्मा की लेखन में रुचि थी।