उन्नाव। प्रदेश में मिट्टी और बालू के खनन पर प्रतिबंध भले ही लगा हो मगर उन्नाव में गोरखधंधा बिना रोक-टोक जारी है। प्रतिबंध के बाद दाम आसमान पर पहुंचने से मिट्टी खनन का धंधा सोना उगल रहा है।
कोई ग्राम समाज की जमीन को तालाब बना रहा है तो कोई खनन परमिट की शर्तों को अनदेखा कर निर्धारित गहराई से अधिक खनन करा रहा है। हैरानी की बात यह है कि खनन और राजस्व विभाग इसे अनदेखा किए हैं।
हालत यह है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की कौन कहे शहर के आसपास सिंघूपुर, हुसैन नगर, इब्राहिमाबाद, गलगलहा, मगरवारा, सहजनी, बंथर, मसवासी, थाना, पुरवा समेत दर्जनों गावों में मिट्टी और शारदा नहर की ब्रांचो में बालू का खनन जोरों पर है। जिले के सिकंदपुर सरोसी, बिछिया, मियागंज, फतेहपुर चौरासी, हसनगंज, नवाबगंज, सिकंदरपुर कर्ण ब्लाक में खनन जोरों पर है।
जानकारों की माने तो प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक बालू और मिट्टी का खनन होता है। सूत्र बताते हैं कि राजस्व और खनन विभाग की हिस्सेदारी तय होने के कारण प्रतिबंध का आदेश प्रभावी नहीं हो रहा।
राजस्व विभाग के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह कारोबार कराने वाले लोग संबंधित विभागों से हिस्सेदारी तय कर लेते हैं। इसकी एवज में वह खुलेआम हो रहे खनन को अनदेखा किए रहते हैं। सदर तहसील के एक लेखपाल ने बताया कि मिट्टी खनन बडे़ ठेकेदार और नेताओं के कारखास लोग करा रहे हैं।
खनन निरीक्षक बोले सूचना दो तो करें कार्रवाई
उन्नाव। खनन निरीक्षक आशीष कुमार ने अवैध खनन होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अगर कहीं खनन हो रहा है तो इसकी सूचना दो तुरंत कार्रवाई होगी। उनके मुताबिक जब भी सूचना मिलती है तो छापा मारा जाता है और उन्होंने बताया कि जिले में लखनऊ कानपुर हाईवे पर बन रहे रेलवे ओवर ब्रिज और आगरा एक्सप्रेस वे के लिए ही खनन की अनुमति दी गई है। बताया कि इसके अलावा अगर कहीं खनन होते पकड़ा जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।