लखनऊ से आई एसटीएफ ने कोतवाली पुलिस के साथ कस्बे के एक घर में छापा मारकर बड़ी संख्या में देशी-विदेशी संरक्षित पक्षियों को बरामद किया। इनमें साइबेरियन पक्षी सुर्खाब (रेड क्रेस्टेड पोटार्ड) और आस्ट्रेलियन पक्षी सवन (ग्रेलेज बूज), विलुप्त प्राय काले तीतर, दो मोर और 308 कछुए हैं। एसटीएफ ने संरक्षित पक्षियों के अवैध धंधे में महाराष्ट्र के एक व्यापारी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने सोमवार शाम मोहल्ला गोंडा टोला निवासी खलील के घर छापा मारा। यहां लद्दाख के लेह और अन्य ठंडे देशों में पाई जाने वाली 59 विदेशी चिड़िया सुर्खाब, 30 आस्ट्रेलियन पक्षी सवन (ग्रेलेग बूज) के अलावा दुर्लभ प्रजाति के 18 काले तीतर, दो मोर, 308 कछुआ और तोता समेत बड़ी संख्या में अन्य पक्षी बरामद किए गए।
एसटीएफ ने आस्ट्रेलियन पक्षी सवन खरीदने आए महाराष्ट्र के कैमाले गांव निवासी व्यापारी मोहम्मद हुसैन के अलावा अपने घर में संरक्षित पक्षियों का अवैध धंधा चला रहे कलीम, उसके साथियों अलीहसन और जुबेर को गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली प्रभारी सतीश कुमार गौतम ने बताया कि क्षेत्रीय वन अधिकारी उदयवीर सिंह की तहरीर पर चारों लोगों के खिलाफ संरक्षित वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसटीएफ टीम लीडर अरविंद चतुर्वेदी और पीके मिश्रा ने बताया ठंड के मौसम में यहां सैकड़ों प्रजाति के विदेशी पक्षी आते हैं। गंगा और नवाबगंज बर्ड सेंच्युरी में शिकारी इनका शिकार कर एक-एक चिड़िय़ा को हजारों में बेचते हैं। एक-एक पक्षी की कीमत बाजार में पांच से आठ हजार रुपये तक है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई अन्य ठिकानों पर भी संरक्षित पक्षियों के अवैध धंधे से जुड़े लोगों की तलाश में दबिश दी जा रही है। वाइल्ड लाइफ के रेंजर रघुनाथ मिश्रा और सहायक रेंजर मोहम्मद जाफर ने बताया कि छापे मेेेेें बरामद संरक्षित विदेशी और देसी पक्षियों की कीमत लाखों में है।