उन्नाव। ईद-उल-अजहा का त्योहार पारंपरिक तरीके से मनाया गया। शहर की बड़ी ईदगाह समेत जिले की सभी मस्जिदों में अल्लाह की इबादत में एक साथ हजारों सिर झुक गए। बकरीद की नमाज में मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी।
शहर काजी मौलाना निसार अहमद मिस्बाही ने बकरीद की नमाज के पहले आम खुत्बे में कुर्बानी की अहमियत बताई। कहा कि अल्लाह की राह में कुर्बान होने जा रहे हजरत इस्माइल अलै. को शैतान ने बहकाने की कोशिश की। फरमाया कि मुझे रब की बारगाह में साबिर और शाकिर पाओगे।
यह कह कर वह अल्लाह की राह मेें कुर्बान होने के लिए चल पड़े। नमाज और खुत्बे के बाद शहर काजी ने अल्लाह की बारगाह में कुर्बानी और इबादतों की कुबूलियत की दुआ की। मुल्क में अमन चैन, मुल्क में रहने वालों के बीच भाईचारा और मुल्क के दुश्मनों की शिकस्तगी (हार) की दुआ में सभी नमाजियों ने आमीन की सदा बुलंद की। खुत्बा और दुआएं खैर के बाद सभी ने गले मिल कर एक दूसरे को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी। नमाजे दोगाना अदा करने के बाद लोगों ने अल्लाह की रजा के लिए इज्तेमाई और अपने घरों में कुर्बानी का एहतमाम किया।
शहर की बड़ी ईदगाह में भगवंतनगर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हसन वासिफ, पूर्व अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह, सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष इस्माइल खां, शीलू सभासद आदि रहे।
जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल, एसपी पवन कुमार, एडीएम इंद्रपाल उत्तम, एएसपी रामकिशुन यादव आदि ने बड़ी ईदगाह पहुंचकर मुस्लिम लोगों को बकरीद की मुबारकबाद दी।