अचलगंज। साहित्यकार पं. प्रताप नारायन मिश्र की 160वें जयंती पर उनकी जन्मस्थली बैजेगांव बेथर में गुरुवार रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
उन्नाव के कवि सुरेश फक्कड़ ने ‘शरारत देश से हो, लेखनी चुप रह नहीं सकती, अगर सर कट भी जाए तो, हमारा खून बोलेगा’ पढ़ा तो लोग जोश से भर गए। वहीं उमाशंकर यादव ने ‘पावन पुनीत बैजेगांव की महान भूमि, अपने प्रताप को नमन शतबार है’ पढ़कर लोगों को पंडित जी की याद दिलाई।
इसके अलावा वाहिद अली, शिवकिशोर तिवारी, कमलेश द्विवेदी, समीर शुक्ला, जमुना प्रसाद पांडे, गिरीश अवस्थी, अतुल मिश्र आदि कवियों ने कवितापाठ किया।
इस मौके हरिसहाय मिश्र, शिवसहाय मिश्र, प्रकाश चंद्र मिश्र, राजकुमार सिंह, अंकित मिश्र, रविसहाय मिश्र, मनोज त्रिवेदी, सिद्धार्थ तिवारी, ज्ञानी सिंह, श्याम बाबू शुक्ला, दिनेश तिवारी, विनय सिंह, श्रीनिवास आदि मौजूद रहे।