आलम यह है कि इन खस्ताहाल व क्षतिग्रस्त मार्गों से या तो लोगों ने आवागमन करना बंद कर दिया है या कई किलोमीटर का लंबा सफर करके अपने गंतव्य स्थल पर पहुंचने को मजबूर हो रहे हैं। इन टूटी सड़कों की ओर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान तक नहीं दे रहे हैं।
दृश्य-एक
17 किमी. मार्ग राहगीरों के लिए बना सिरदर्द
असोहा। पुरवा व भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्रों और पुरवा व बीघापुर तहसील मुख्यालयों को जोड़ने वाला पुरवा-पाटन मार्ग शासन की उपेक्षा के चलते पिछले 10 वर्षों से खस्ताहाल पड़ा है। आलम यह है कि करीब 17 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से वाहन तो दूर राहगीरों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के ग्रामीणों को 10 से 20 किमी का चक्कर काटकर बीघापुर व बिहार होकर आवागमन करना पड़ रहा है। क्षेत्र के रम्माखेड़ा, चंदीगढ़ी, त्रिपुरारपुर, ममरेजपुर, मुरैता प्राचीन, लखमदेमऊ, हुलासीखेड़ा, पनहन, पुरंदरपुर सहित आधा सैकड़ा गांवों की लगभग 50 हजार की आबादी के आवागमन का यह प्रमुख मार्ग है। हैरत की बात तो यह है कि इस मार्ग पर दोनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक सत्तापक्ष के है फिर भी इस मार्ग की उपेक्षा है। क्षेत्र के सतीश, सुनील, रघुवर, लाला, प्रदीप, अमरनाथ यादव, रामलाल, शिवप्रकाश, रामनरेश लोधी आदि लोगों ने डीएम से मार्ग की जल्द मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
दृश्य दो
हिचकोले भरा 10 किलोमीटर का सफर
बिछिया। सोनिक मोड़ से नानाटीकुर वाया पिपरोसा संपर्क मार्ग करीब 10 किलोमीटर लंबा है। आज से करीब 25 साल पहले इस मार्ग का डामरीकरण हुआ था। मौजूदा समय में यह मार्ग पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुका है। सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गई है। यहां के लोग हिचकोले खाते सफर करने को मजबूर हैं। बारिश के दौरान इस मार्ग से आवागमन करना काफी मुश्किल हो जाता है। गड्ढों में पानी भर जाने से लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इस मार्ग से रोजाना करीब 10 हजार लोग आवागमन करते हैं। हर 10 कदम पर एक गड्ढा होने से लोग पीठ दर्द व अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इस मार्ग पर सोनिक, शहजादपुर, पिपरोसा, सिदुंरिया, संभरखेड़ा, नानाटीकुर आदि गांव पड़ते हैं।
दृश्य तीन
पीडब्ल्यूडी विभाग की अनदेखी से जर्जर हुआ मार्ग
सोहरामऊ। कुसुंभी-मोहान संपर्क मार्ग की लंबाई लगभग एक किमी. है। इस मार्ग का निर्माण करीब 5 वर्ष पहले हुआ था। इस मार्ग से रोजाना हजारों राहगीर आवागमन करते हैं। इधर, लंबे समय से लोक निर्माण विभाग की अनदेखी के चलते यह मार्ग खस्ताहाल पड़ा है। इस मार्ग पर कई ईंट के भट्ठे भी संचालित हैं। यह अजगैन-मोहान संपर्क मार्ग में तो जुड़ता ही है साथ ही अजगैन, मकूर, रहमतगंज, जंसार, दिरगजखेड़ा सहित करीब एक दर्जन गांवों के लोग शार्टकट के रूप में इस रास्ते से आवागमन करते हैं। इसके अलावा मां कुशहरी देवी मंदिर में आने वाले भक्त भी इसी मार्ग से जाते हैं। गांव के ग्रामीणों में श्यामजी, नीरज, पप्पू, कैलाश व ओंकार ने मार्ग को जल्द दुरुस्त कराने की मांग लोक निर्माण विभाग से की है।
खस्ताहाल सड़कों की कराई जाएगी मरम्मत
इन जर्जर मार्गों की जानकारी नहीं थी। अब इन मार्गों की हालत संज्ञान में आई है। मार्गों की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देशित किया जाएगा।
सौम्या अग्रवाल
जिलाधिकारी उन्नाव।