अचलगंज पुलिस की गिरफ्त में खड़े कानपुर के सरिया व्यवसाई को अगवा करने के प्रयास के आरोपी।
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अचलगंज(उन्नाव)। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर थानाक्षेत्र के गहरा के पास से कार सवार चार लोगों ने कानपुर के सरिया व्यवसायी व उसके नौकर को जबरन कार में डाल लिया। चकमा देकर नौकर के साथ भागे व्यवसायी ने थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने घेराबंदी कर कार समेत चारों अपहर्ताओं को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट दर्ज कर सभी को जेल भेजा गया है।
कानपुर के बिधनू थानाक्षेत्र के सिद्धार्थ नगर निवासी सरिया व्यवसायी शिवम पांडेय पुत्र राजेंद्र पांडेय गुरुवार शाम अपने नौकर रामप्रकाश के साथ लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित अचलगंज थानाक्षेत्र के गहरा स्थित एक ढाबा के पास स्थित धर्मकांटा पर सरिया के ट्रक की तौल करा रहा था। रामसिंह नाम के युवक को उसे सरिया देनी थी। व्यवसायी के मुताबिक, इसी दौरान कानपुर नेहरू नगर निवासी अंश सिंह, जाजमऊ निवासी अनूप, लखनऊ के इंद्रानगर निवासी नवीन शर्मा और चकेरी कानपुर निवासी प्रवीण कुमार कुछ अन्य साथियों के साथ उसके पास पहुंचे और जबरन उसे व उसके नौकर को कार में डालकर कानपुर की ओर चल दिए। व्यवसायी के अनुसार, बंथर बाइपास के पास कार धीमी होने पर नौकर के साथ कूद गया। आगे पुलिस होने पर कार सवारों ने पीछा नहीं किया और वे चले गए। बंथर चौराहे पर पिकेट में जाकर जानकारी दी। इसके बाद अचलगंज थाना पहुंचकर घटना की जानकारी दी। अपहरण के प्रयास की जानकारी पर कार्यवाहक एसओ शंभूनाथ सिंह ने घेराबंदी कर बल की मदद से आरोपियों को शुक्रवार सुबह बंथर चौराहे पर गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित व्यवसायी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेजा है। कार्यवाहक एसओ शंभूनाथ सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेजा गया।
आरोपियों की जुबानी कुछ और
पकड़े गए आरोपियाें और उनके परिजनों ने पुलिस के इस खुलासे व सरिया व्यवसायी शिवम पांडेय के आरोपों को गलत ठहराया है। आरोपियों ने बताया कि सरिया खरीदने के लिए उन्होंने व्यवसायी को रुपये दिए। इसके बाद भी व्यवसायी ने सरिया नहीं भिजवाई और ना ही उनके रुपये ही लौटाए। कई अन्य लोगों से भी उसने इस तरह की ठगी की है। गुरुवार को शिवम से रुपये लेने के लिए वह उन्नाव के गहरा पहुंचे। जहां शिवम ने कानपुर चलकर रुपये देने की बात कही और कार में नौकर के साथ बैठ गया। कार से ही शिवम ने अपने परिजनों को खुद के अपहरण की जानकारी दी। जिस पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने गुडवर्क के लिए उन्हें फ ंसा दिया। कार्यवाहक एसओ शंभूनाथ सिंह ने बताया कि मामला रुपयों के लेनदेन का है पर रुपये वसूली के लिए किसी को अगवा करना अपराध है।