गंजमुरादाबाद। मुंबई में 10 साल पहले युवक की हत्या में पाकिस्तान के एक युवक का नाम सामने आने और बेहटामुजावर के युवक से हुई फोन वार्ता के आधार पर उठाए गए चहोलिया गांव के प्रधान के चचेरे भाई से एटीएस ने लखनऊ में तीन घंटे पूछताछ की। इस दौरान प्रधान के चचेरे भाई ने एटीएस द्वारा पूछे गए सभी सवालों का जवाब दिया। संतुष्ट होने पर एटीएस ने उसे दोबारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने व गांव छोड़कर न जाने की हिदायत देकर जाने दिया। चर्चा है कि महाराष्ट्र की एटीएस घटना से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
बेहटामुजावर थानाक्षेत्र के चहोलिया गांव निवासी प्रधान आजाद के चचेरे भाई शकील को महाराष्ट्र व लखनऊ एटीएस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को गांव में दबिश देकर उठाया था। एटीएस ने थाना में ड्यू वारंट दाखिल करने के बाद शकील को उसके घर से उठाया और उसके दो दोस्तों को पकड़ने के लिए अपने साथ कन्नौज ले गई थी। दोनाें दोस्तों के न मिलने पर एटीएस ने शुक्रवार रात 11 बजे उसे बेहटामुजावर थाना लाकर छोड़ दिया था और शनिवार को पूछताछ के लिए लखनऊ बुलाया था। शनिवार को प्रधान आजाद चचेरे भाई शकील को लेकर लखनऊ पहुंचे। सूत्रों के अनुसार यहां एटीएस ने 10 साल पहले मुंबई में हुई युवक की हत्या में पाकिस्तान के युवक का नाम प्रकाश में आने व उससे जुड़े लोगों से हुई फोन वार्ता के बारे में शकील से पूछा। शकील ने बताया कि वह मुंबई में ऑटो चलाता था।
जिस खोली में वह रहता था उसके पड़ोस में रहने वाले युवक ने ऑटो बुक करने के लिए फोन किया था। उसने ऑटो ले जाने से मना कर दिया था। शकील के जवाबों से संतुष्ट हो तीन घंटे की पूछताछ के बाद एटीएस ने इस शर्त पर उसे जाने के लिए कहा कि दोबारा पूछताछ की जा सकती है, इसलिए वह गांव न छोड़े। पूछताछ के बाद प्रधान के साथ शकील घर लौट आया। प्रधान आजाद ने बताया कि उसका चचेरा भाई निर्दोष है। एटीएस के सभी सवालों का उसने जवाब दिया। जिस पर एटीएस ने उसे जाने दिया। बताया कि इस मामले से जुड़े अन्य लोगों को उठाने लिए महाराष्ट्र की एटीएस अभी वापस नहीं गई है।