उन्नाव। स्वास्थ्य विभाग की पटरी से उतरी गाड़ी जनपद में तो पटरी पर आती नहीं दिख रही है। हकीकत कितनी खराब है यह खुद सहायक निदेशक लखनऊ मंडल के हसनगंज सीएचसी के औचक निरीक्षण में सामने आ गई। सुबह करीब 10 बजे सीएचसी पहुंची एडी को अस्पताल में न तो अधीक्षक मिले और न ही चार अन्य चिकित्सक। लिपिक भी अनुपस्थित था।
एडी के आने की सूचना पर अधीक्षक करीब एक घंटे की देरी से अस्पताल तो पहुंच गए लेकिन जब एडी ने उनसे सवाल दागे तो उन्होंने पसीना छोड़ दिया। एडी ने अनुपस्थित चिकित्सकों व लिपिक को अनुपस्थित कर दिया। उन्हें अस्पताल में उपस्थिति से लेकर कंजप्शन व ओपीडी रजिस्टर तक में कमियां मिलीं। मरीजों ने रात में महिला चिकित्सकों के न रुकने की शिकायत की तो एडी ने दोबारा ऐसी शिकायत सामने आने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। एडी ने निरीक्षण में मिली कमियों की रिपोर्ट शासन को देने की बात कही है।
सुबह करीब 10 बजे सहायक निदेशक स्वास्थ्य विभाग डा. मिथलेश कुमारी चतुर्वेदी हसनगंज समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गईं। अधीक्षक डा. अतुल वर्मा के बारे में जानकारी की तो पता चला वह भी अभी आये नहीं हैं। उपस्थिति रजिस्टर चेक किया तो अधीक्षक के साथ ही डा. पंकज, डा. प्रीति, डा. नितिन व डा. अखिलेश मिश्रा अनुपस्थित मिले। लिपिक ओम प्रकाश भी बिना किसी पूर्व सूचना के गायब मिला।
उन्होंने सभी को अनुपस्थित कर दिया। एडी निरीक्षण कर ही रही थीं कि तभी अधीक्षक डा. अतुल वर्मा अस्पताल पहुंच गए। एडी ने देरी से आने के कारण पूछा तो वह भी पसीना छोड़ने लगे और बताया कि ग्राम पंचायत धौरा का सेंटर चेक करने गए थे। वहां तैनात एएनएम बहुत ही कम आती हैं। एडी ने सुधर जाने की हिदायत दी।
उपस्थिति रजिस्टर में चिकित्सकों व कर्मचारियों के पद नाम न लिखे होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद सीएचसी के बाबू अनिल कुमार श्रीवास्तव को बुलाकर आरकेएस, जेएसवाई, डाइट रजिस्टर दिखाने को कहा। जिसमें बहुत कमियां मिलीं। कोई भी रजिस्टर पूरा नहीं मिला। एडी का पारा चढ़ गया और बाबू से कहा कि क्या सस्पेंड होना चाहता है?
माफी मांगने व सुधार करने का वादा करने पर उन्होंने छोड़ दिया। ओपीडी में पंजीकृत मरीजों की संख्या पूछी तो रजिस्टर में क्त्रस्मांक पडे़ नहीं मिले। वार्ड ब्वाय दर्पण शर्मा ने गिनती करते हुए बताया कि कुल 57 मरीजों का रजिस्ट्रेशन अभी तक हुआ। इसके बाद दंत कक्ष में जाकर डा. निशांत कुमार सिंह से डेंटल प्रोसीजर रजिस्टर मांगा जो नहीं बना था। आगे से नया प्रोसीजर रजिस्टर बनाने को कहा। आयुष कक्ष में ताला लटकता देख नाराजगी जताई।
आयुष विभाग के डा. अखिलेश मिश्र ने बताया कि वह भी उनके साथ थे। इस पर एडी ने कहा कि आयुष डॉक्टर आपके साथ जाने के लिए नहीं मरीजों को देखने के लिए हैं। लैब में अव्यवस्था देख लैब टेक्निशियन सुभाष को सुधार करने के लिए कहा। नेत्र कक्ष में मरीजों को नीचे बैठा देखकर बेंच की व्यवस्था के निर्देश दिये। औषधि कक्ष में उपस्थित जय सिंह व मनोज फार्मेसिस्ट से कंजप्सन रजिस्टर मांगे जाने पर एक रजिस्टर दिखाया। जिसमे 24 अगस्त 2014 के बाद कोई भी विवरण नहीं था। कुछ मरीजों ने महिला चिकित्सक के रात में न मिलने की जानकारी दी तो डा. मिथलेश चतुर्वेदी ने महिला चिकित्सक के रात में न रुकने के आदेश अधीक्षक को दिए।