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अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़

Sat, 04 Feb 2017 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
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accused in police custody - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थानाक्षेत्र के गांव परमेश्वरदीन खेड़ा निवासी कृपाशंकर पुत्र भैरो लोध की नेवरना चौकी के पीछे छोटा सा मकान है। उसमें दिखाने के लिए तो वह पंचर बनाने का काम करता था जबकि हकीकत में उसमें असलहा फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। पंद्रह वर्षों से वह असलहे बनाकर जिला व गैर जिलों में सप्लाई कर रहा था। लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। कुछ दिन पहले एसओ मोहम्मद अशरफ को फैक्ट्री के संचालन की जानकारी हुई। अधिकारियों को बताने एसपी ने टीम का गठन किया। चौदह सदस्यीय टीम में स्वाट प्रभारी एनुद्दीन के नेतृत्व में सात सदस्यीय व थानाध्यक्ष मो. अशरफ के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम का गठन किया गया। शादी वर्दी में स्वाट टीम मौके पर पहुंची और असलहों की खरीदारी की बात कही। पहले तो कृपाशंकर ने शौदेबाजी की लेकिन शक होने पर उसने एनुद्दीन पर वार करने के लिए दौड़ा इस पर शादी वर्दी में मौजूद टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके साथ ही पुलिस ने कारोबार में शामिल रामनरेश पुत्र स्व. लल्लू बाबाखेड़ा थाना अचलगंज व विद्याशंकर पुत्र मनइयां निवासी ग्राम बड़ौरा  को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने फैक्ट्री से पंद्रह असलहे बरामद किए हैं। इसमें चार बंदूक एक नाली, 11 तमंचे, 15 कारतूस के अलाव दो अधबने तमंचे व बनाने का सामान बरामद किया है। एएसपी राम सेवक गौतम ने बताया कि कृपाशंकर ही फैक्ट्री संचालन का सरगना है। लेकिन पुलिस के हत्थे पहली बार चढ़ा। जबकि संचालन में शामिल रामनरेश व विद्याशंकर पहले से कई मुकदमे दर्ज है। श्री गौतम ने बताया कि खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने के लिए भी एसपी ने कहा है। वार्ता में सीओ हृदेश कठेरिया भी शामिल रहे।
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1500 से 2000 में बेचता था असलहे
असलहा फैक्ट्री संचालक कृपाशंकर सिंह ने बताया कि वह एक तमंचा 1500 से 2000 रूपये में बेचता था। अब तक 150 असलहों की सप्लाई भी कर चुका है। उसके मुताबिक तीन साल तक उसने काम बंद रखा लेकिन लोगों की मांग पर उसने दोबारा असलहा बनाने का काम शुरू किया था। असलहा बनाने का अच्छा कारीगर होेने से उसके असलहों की सप्लाई गैर जनपदों में भी होती थी। उसने असलहे बनाने का काम पड़री के गुरूनारायण से सीखा था उसकी मौत हो चुकी है।
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