उन्नाव। एआरटीओ कार्यालय अब तीसरी आंख की निगरानी में रहेगा। इसके लिए कार्यालय में चार कैमरे लगवाए गए हैं। कैमरों के माध्यम से कार्यालय में हो रही गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एआरटीओ प्रशासन के कक्ष कंट्रोल रूम बनाया गया है। यह कार्य कार्यालय में दलालों की बढ़ रही धमाचौकड़ी को कम करने के लिए किया गया है।
एआरटीओ कार्यालय में लगाए गए चार सीसी टीवी कैमरे में एक कैमरा कार्यालय के इंट्री प्वाइंट पर लगा है। दूसरा तिजोरी रूम में लगवाया गया है। तीसरा कैमरा अंदर गैलरी में लगा है। एआरटीओ के मुताबिक इससे अंदर की गैलरी में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी तथा चौथा कैमरा कार्यालय के बाहरी ओर लगवाया गया है।
यह कैमरा विंडो में लाइन लगाकर खड़े होकर काम कराने वाले आवेदक व दलालों पर नजर रखेगा। एआरटीओ कार्यालय में दलालों पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन आयुक्त ने सीसी टीवी लगवाने के निर्देश दिए थे उसी के तहत यह कार्यवाही की गई है।
एआरटीओ कार्यालय में दलालों स्थिति किसी से छुपी नहीं है। यहां बाबुओं के बगल में बैठकर दलाल काम कराते हैं। इससे कार्यालय में काम कराने आ रहे लोगों को इसकी भी जानकारी नहीं हो पाती कि कौन बाबू है और कौन दलाल। बाबू भी साधार तरीके से काम कराने आ रहे आवेदकों का काम सीधे नहीं करते। उनको इतने तौर तरीके बता देते हैं कि आवेदक को ऊबकर दलाल का सहारा लेना पड़ता है।
अभी दो सीसी टीवी कैमरों की और आवश्यकता
एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई की माने तो अभी कार्यालय में दो सीसी टीवी कैमरों की और आवश्यकता है। इसमें से एक कैमरा रिकार्ड रूम में तथा दूसरी कार्यालय के अंदर बनी गैलरी में। ये जो कैमरे लगे हैं इससे रिकार्ड रूम व केबिन के बीच की गैलरी में होने वाली गतिविधियां नहीं दिखाई देतीं। इससे कर्मचारी भी मनमानी किया करते हैं।