आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, मिनी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाआें के चयन में उगाही की मांग पूरी न होने पर चयन निरस्त करने पर सिकन्दरपुर कर्ण की कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी कार्यालय में जमकर हंगामा किया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराने की मांग की।
सिकंदरपुर कर्ण की आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मिनी कार्यकत्री, सहायिकाएं में सोनी देवी, उमा सोनी, रामजानकी, वेदवती, पूनम, अनीता देवी, विजय लक्ष्मी, बेबी, लक्ष्मी देवी, किरन ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। कार्यकत्रियों का आरोप था कि विभागीय अधिकारी द्वारा कार्यकत्रियों को दो माह पूर्व बाल विकास परियोजना कार्यालय में बुलाकर उनसे चयन के नाम पर दस—दस हजार रुपयों की मांग की गई थी।
जिस पर कार्यकत्रियों ने कहा था कि जमानत राशि बताकर पहले ही उनसे दस—दस हजार रुपये वसूल लिए गए थे अब किस बात का पैसा दिया जाए। इस पर अधिकारी ने उगाही न देने पर चयन निरस्त करने की धमकी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उगाही न होने पर अधिकारी द्वारा प्रशासन को गुमराह करने के लिए गलत तथ्य दर्शाकर अपनी रिपोर्ट दी गई है। बताया कि अधिकारी ने 18 जनवरी को संबंधित अधिकारी को नियुक्ति निरस्त करने का निर्देश दे दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर चयन कराने की मांग की है।