परिचय- जिला महिला अस्पताल में मृत बच्चा गोद में लिए परिजन।
महिला सीएमएस के समझाने पर हुए शांत, पहला बच्चा खोने से सभी थे बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर प्रसव कराने में लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने दो घंटे पहले धड़कन चलने की बात कही। उसके बाद बच्चे की गर्भ में ही चार दिन पहले हो जाने की बात बताई। परिजनों हंगामा शुरू किया तो सीएमएस पहुंचीं और लिखित शिकायत देने की बात कहकर शांत कराया।
शहर के मोहल्ला कल्याणी निवासी मयंक तिवारी की पत्नी स्वाती को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सोमवार सुबह उसे जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने देखा और गर्भस्थ शिशु की धड़कन चलने की बात कहते हुए सीजर से प्रसव कराने की सलाह दी। प्रसव हुआ तो बच्चा था। इसकी जानकारी होने पर परिजन आक्रोशित हो गए और डॉक्टर पर गलत ऑपरेशन का आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार अब डॉक्टर बता रही हैं कि बच्चे की चार दिन पहले गर्भ में ही मौत हो चुकी थी। सूचना पर प्रसूता का पति, जेठ पंकज तिवारी सहित अन्य परिजन पहुंचे और हंगामा करने लगे। सूचना पर सीएमएस डॉ. संजू अग्रवाल, पैथोलाजिस्ट डॉ. तौसीफ पहुंचे और परिजनों से बात की। सीएमएस ने उन्हें समझाया और पोस्टमार्टम कराने को कहा। लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए। पति मयंक ने बताया कि यह पहला बच्चा था।
सीएमएस डॉ. संजू अग्रवाल ने बताया कि कुछ केसों में ऐसा लगता है कि बच्चे की धड़कन चल रही है। लेकिन बच्चे के पैदा होने तक संशय रहता है। परिजनों को समझाने पर वह शांत हो गए थे।