ग्राम प्रधान/ग्राम पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को नामांकन करने से पहले
नोड्यूज प्रमाणपत्र लेना होगा। वजह, इस बार नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने से पहले तहसील से जांच कराई जाएगी। खंड विकास अधिकारियों को तहसील की जांच के बिना नो ड्यूज प्रमाणपत्र जारी नहीं करने के आदेश दिए गए हैं।
नो ड्यूज सर्टिफिकेट खंड विकास अधिकारी स्तर से जारी किए जाते हैं। इस बार नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने से पहलेे तहसील से जांच कराई जानी है। शुक्रवार को कलेकट्रेट में आयोजित बैठक मेंडीएम सौम्या अग्रवाल ने सभी ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं संबंधित तहसील से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किए जाएं।
उन्होने कहा सभी उपजिलाधिकारी यह काम खुद करें । कहा सभी खंड विकास अधिकारी यह ध्यान रखें कि अब गांवों में नाली या खड़ंजा का निर्माण न कराया जाए। यदि कहीं निर्माण कार्य हो रहा हो तो उसे सख्ती से बंद करा दिया जाए। यह सरकारी और व्यक्तिगत राशि सभी पर लागू होगा।
डीएम ने कहा कि डीडीसी/बीडीसी चुनाव में जिन आरओ/एआरओ ने ठीक ढंग से कार्य नहीं किया है यालापरवाही की है उनकी सूची उन्हें उपलब्ध करा दें।संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। डीएम ने एबीएसए को निर्देश दिए स्कूलों की रसोइयों की नामवार ड्यूटी मतदान केंद्रों पर लगा दें ।
बैठक में एसपी पवन कुमार ने कहा एसडीएम और सीओ संयुक्त रुप से गांवों का दौरा कर जगह-जगह पर चेकिंग करें। थाने में आने वाले व्यक्तियों के नाम आगंतुक रजिस्टर में दर्ज किए जाएं ताकि पता चल सकेकौन व्यक्ति कितनी बार थाने आया है। इसके अलावा गांव के गुंडों और अराजकतत्वों की जांच कर उन्हें चिह्नित कर लें ।
कहा प्रधान पद के प्रत्याशी, पूर्व प्रधान, असामाजिक तत्व, गुंडों के लाइसेंसी असलहे जमा कराएं। एसपी ने कहा हर थाने से कम से कम चार लोगों को गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाए। उधर हसनगंज की बीडीओ राबिया बेगम ने बताया नोड्यूज सर्टिफिकेट जारी होने से पहले तहसील से जांच कराई जाएगी।