उन्नाव। आयुष्मान योजना में पंजीकृत जिले के तीन निजी अस्पतालों को इस योजना से बाहर किया जाएगा। योजना से जुड़ने के बाद इन अस्पतालों में एक भी मरीज योजना के तहत भर्ती नहीं किया गया। जबकि नियमानुसार आयुष्मान मरीजों को भर्ती करना आवश्यक है।
सीएमओ ने इन अस्पताल संचालकों को योजना से जुड़े मरीजों को भर्ती करने के लिए दो बार पत्र लिखा, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अब स्वास्थ्य विभाग इन अस्पतालों का आयुष्मान योजना से पंजीकरण खत्म करने की तैयारी में है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने के लिए जिले के 26 निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा गया है। कुछ अस्पताल दो साल पहले 2020 में जुड़े हैं। इसमें नवाबगंज का सेवा अस्पताल, आदर्श हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर व सिंह फ्रैक्चर हॉस्पिटल ऐसे निजी अस्पताल हैं, जिन्हें इस योजना से जुड़े एक साल बीत गया, लेकिन इनके संचालकों ने एक भी मरीज भर्ती नहीं किया। जबकि मरीजों को भर्ती करने के लिए इनके पास आयुष्मान मित्र भी हैं।
विजय बिहारी मेहरोत्रा मेमोरियल हॉस्पिटल में एक, नवनिष्ठा हॉस्पिटल व चंद्रा हॉस्पिटल में सिर्फ दो-दो मरीज ही भर्ती हुए हैं। वहीं निष्ठा हॉस्पिटल व मुस्कान हॉस्पिटल में एक साल में सिर्फ तीन-तीन आयुष्मान मरीजों का इलाज किया गया।
आयुष्मान प्रभारी व एसीएमओ डॉ. जयराम सिंह ने बताया कि आयुष्मान से जुड़े जिन अस्पतालों में एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है, उनका इस योजना से पंजीकरण समाप्त कर दिया जाएगा। अभी फिलहाल तीन निजी अस्पताल ऐसे हैं, जिन पर कार्रवाई की जाएगी।