भूमि विवाद के निस्तारण के लिए अभिलेख जांचते एडीएम राकेश कुमार व मौजूद एएसपी वीके पांडेय।
- फोटो : UNNAO
पाटन। भगवंतनगर में निर्माण कार्य के दौरान भूमि को धार्मिक स्थल की बताते हुए एक वर्ग के लोगों ने चार दुकानों के निर्माण का विरोध कर दिया। दो वर्गों के बीच विवाद से माहौल बिगड़ने की आशंका पर डीएम ने मौके पर अफसरों को भेजा। एडीएम और एएसपी ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। दोनों पक्षों के साथ बैठक की। धार्मिक स्थल की जमीन होने का दावा करने वालों को दस दिन में कागजात प्रस्तुत करने को कहा है। ।
बिहार-बक्सर मार्ग पर अवनीश शुक्ला व अरुण शुक्ला की पैतृक भूमिधरी भूमि है। काफी समय से खाली पड़ी भूमि पर एक सप्ताह पूर्व अवनीश शुक्ला ने चार दुकानों का निर्माण कार्य शुरू कराया था। इस पर विशेष वर्ग के लोगों ने इसे अपने धार्मिक स्थल की भूमि बताते हुए निर्माण का विरोध किया था। एसडीएम और सीओ बीघापुर ने पुलिस चौकी परिसर में बैठक कर दोनों पक्षों की बात सुनी थी। ईदगाह व उसके आसपास की भूमि को अपना बताते हुए न्यायालय आदेश व अन्य कागजात प्रस्तुत किए थे। हालांकि कागजातों में किसी भी प्रकार की भूमि संख्या व चौहद्दी का जिक्र न होने से दावा साबित नहीं हो सका।
इस दौरान अवनीश ने निर्माण कार्य जारी रखा। मंगलवार को सपा एमएलसी सुनील सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर इसकी शिकायत की थी। एसडीएम व सीओ ने मौके पर जाकर पहुंचकर निर्माण का विरोध करने वाले पक्ष के मुकदमे में हुए आदेश का भूमि में कोई दखल न होने संबंधी प्रश्नोत्तरी लाने के बाद ही काम शुरू करने की चेतावनी दी थी। बुधवार को अवनीश शुक्ला द्वारा एडीएम, एसडीएम व सीओ को न्यायालय से लाई हुई प्रश्नोत्तरी उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों के मौखिक आदेश पर गुरुवार को फिर निर्माण शुरू कराया। गुरुवार सुबह डीएम से फिर शिकायत की गई तो उन्होंने एडीएम राकेश कुमार सिंह और एएसपी वीके पांडेय को भेजा। पुलिस चौकी परिसर में दोनों पक्षों के साथ बैठक कर भूमि संबंधी कागजातों को देखा। इन कागजों से धार्मिक स्थल की भूमि होने की पुष्टि नहीं हुई। एडीएम ने निर्माण का विरोध कर रहे पक्ष को दस दिन में भूमि के कागजात प्रस्तुत करने को कहा है। अवनीश को इस समयावधि में निर्माण कार्य न कराने का आदेश दिया। एडीएम की बात पर दोनों पक्ष सहमत हो गए।
तीन बैठकें, नतीजा शून्य
भूमि विवाद को लेकर तहसील प्रशासन दो बार बैठकें कर चुका है। मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में पर डीएम ने फिर बैठक कर मामला निस्तारित करने के निर्देश दिए थे। डीएम के जाने के बाद विशेष समुदाय के लोग देर शाम तक बैठक में नहीं पहुंचे थे। गुरुवार को तीसरी बार हुई बैठक के बाद भी विशेष समुदाय के धार्मिक स्थल की भूमि के दस्तावेज उपलब्ध न करा पाने के कारण नतीजा शून्य ही रहा।
--
हमें हमारा हक चाहिए
पक्षकार हाजी यार मोहम्मद ने बताया कि भूमि के संबंध में उन्होंने सिविल कोर्ट से नगर पंचायत के सापेक्ष वर्ष 2017 में मुकदमा जीता था। अब कराया जा निर्माण अवैध है। उन्होंने इसे वक्फ में पंजीकृत होना बताया। हालांकि भूमि संख्या और चौहद्दी न अंकित होने के मामले में उन्होंने अनभिज्ञता जताई।