पुरवा। फर्जी विक्रेता बनकर जमीन का बैनामा कराने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करीब 40 वर्ष से जोती जा रही भूमि का फर्जी तरीके से बैनामा कराने का आरोप है।
मौरांवा थानाक्षेत्र के गढ़ीथोक हिलौली निवासी श्रीराम ने 15 अप्रैल 2026 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। श्रीराम ने पुलिस को बताया कि हिलौली स्थित गाटा संख्या 2303 की 0.2400 हेक्टेयर भूमि शिवराम के नाम दर्ज थी। शिवराम करीब 35 से 40 वर्षों से लापता हैं और उनका कोई वारिस भी नहीं है। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और मदारी निवासी शंकरबख्शखेड़ा को शिवराम बनाकर खड़ा कर दिया। इसके बाद 26 दिसंबर 2024 को भूमि का बैनामा करा दिया और दाखिल खारिज भी करा लिया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शिवम द्विवेदी, गुलनाज और मदारी पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। विवेचक सियाराम चौरसिया ने एक मई को तीन आरोपियों में गुलनाज, इस्लाम उर्फ पुत्तन व केशन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बैनामा में लगी फोटो के जरिए पता चला कि शिवराम के स्थान पर गुरूप्रसाद निवासी मोहल्ला खागा हिलौली ने फर्जी विक्रेता बनकर भूमि का बैनामा किया।
कोतवाल भवन सिंह मौर्य ने बताया कि शिवराम के स्थान पर फर्जी विक्रेता बन कर गुरुप्रसाद ने भूमि का बैनामा किया था। यह बात उसने कबूल की है। जबकि मदारी पर शक के आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उसका नाम विवेचना में हटा दिया गया है।