सोहरामऊ थानाक्षेत्र के सरस्वती मेडिकल कालेज के बाहर मुआवजे की मांग करते मृतका कांती के परिजन।
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नवाबगंज। असोहा थानाक्षेत्र के नरसिंहपुर गांव निवासी एक महिला सफ ाईकर्मी की सड़क हादसे में मौत होने पर परिजनों ने शव रखकर मेडिकल कालेज गेट का घेराव करके मुआवजे की मांग की। कालेज प्रबंधन ने परिजनों को 50 हजार नगद देकर शांत कराया।
नरसिंहपुर गांव निवासी कांती (45) पत्नी चंद्रपाल गौतम व राधारानी (44) पत्नी कैलाश सोहरामऊ थानाक्षेत्र के सरस्वती मेडिकल कालेज में दिल्ली की प्राइवेट एजेंसी सांई एन स्टैंडर्ड के माध्यम से सफ ाईकर्मी के पद पर तैनात थी। सोमवार को मेडिकल कालेज से ड्यूटी खत्म कर वापस गांव जाने के लिए कांती व राधारानी मेडिकल कालेज के सामने सड़क पार कर रही थी। तभी एक पिकअप ने अनियंत्रित होकर दोनों को टक्कर मार दी। हादसे में कांती गंभीर रूप से घायल हो गईं। उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। रास्ते में कांती ने दम तोड़ दिया था।
मंगलवार सुबह सोहरामऊ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शव लेकर लौट रहे परिजनों ने मेडिकल कालेज गेट पर रखकर मुआवजे की मांग की। सोहरामऊ पुलिस मौके पर पहुंची। मेडिकल कालेज के महाप्रबंधक मनोज सिसोदिया ने प्राइवेट कंपनी के संचालक से बात की तो उसने मुआवजा देने में असमर्थता जताते हुए मात्र पांच हजार रुपये देने को राजी हुआ। बाद में मेडिकल कालेज के प्रशासनिक निदेशक डॉ. रामकिशोर ने प्रबंधन की ओर से कांती के पति चंद्रपाल को पचास हजार रुपये नगद दिए। परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात कही। मृतका के पति की तहरीर पर मंगलवार देर शाम नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर गाड़ी को जब्त कर लिया है। एसओ सुरेश कुमार पटेल ने बताया कि मुआवजा मिलने के बाद सभी वापस लौट गए।
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