नवाबगंज(उन्नाव)। नवाबगंज स्थित मेडिकल कालेज में आइसोलेट कराए गए युवक को एहतियात के तौर पर दो दिन और आइसोलेशन वार्ड में ही रखने की बात पर युवक भड़क गया। वार्ड से भागने की कोशिश पर सुरक्षाकर्मी ने रोका तो उससे मारपीट की। स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे एक वार्ड में बंद करते हुए पुलिस को सूचना दी। सोहरामऊ एसओ ने उसे समझाकर शांत कराया।
13 अप्रैल को रायबरेली निवासी 12 लोगों को सरस्वती मेडिकल कालेज में आइसोलेट कराया गया था। स्वास्थ्य टीम ने सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। शुक्रवार को सभी की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आई। मेडिकल कालेज स्टाफ ने 11 लोगों को आइसोलेशन वार्ड से क्वारंटीन सेंटर में शिफ्ट कर दिया लेकिन, दो दिन तक कोरोना संक्रमित के पास के बेड पर रहे युवक को डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर कुछ दिन आइसोलेशन वार्ड में ही रखने का फैसला लिया। इसकी जानकारी होने पर युवक खुद को क्वारंटीन सेंटर भेजने की मांग की। स्वास्थ्यकर्मियों ने एक-दो दिन और आइसोलेशन में रहने की बात कही तो युवक जबरन क्वारंटीन सेंटर जाने की कोशिश करने लगा।
सुरक्षा कर्मी ने रोकने की कोशिश की तो वह सुरक्षाकर्मी से मारपीट करने लगा। शोर सुनकर अन्य कर्मी पहुंचे और मारपीट करने वाले युवक को वार्ड में बंद करा दिया। मेडिकल कालेज के महाप्रबंधक मनोज सिसोदिया की सूचना पर पहुंचे सोहरामऊ एसओ उरेश सिंह ने युवक को समझाया। उन्होंने बताया कि मामले की सूचना पुलिस को दी गयी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच मामला शांत करा दिया।