कंपाइन मशीन से गेहूं की फसल काटने के बाद बचे पुआल में आग लगा दी गई। इससे उठी चिंगारी पास के ही यूकेलिप्टस के बाग में जा पहुंची। इससे आग लग गई और विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटे देख ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से लगभग दो लाख रुपये कीमत के पेड़ जल गए हैं।
माखी थानाक्षेत्र के फिरोजपुर कला गांव निवासी ओमप्रकाश पुत्र राम औतार ने थानाक्षेत्र के धत्ताखेड़ा मजरा बंदा खेड़ा निवासी श्रीधर का खेत बटाई पर लेकर गेहूं की फसल बोई थी। फसल को उसने कंपाइन मशीन से कटवाया था। रविवार को बचे पुआल को जलाने के लिए उसमें आग लगा दी थी। आग की लपट इतनी तेज थी कि चिंगारी विष्णुधर पुत्र वंशीधर के यूकेलिप्टस के बाग में पहुंच गई। इससे बाग में आग लग गई।
विज्ञापन
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बगल के खेत में लगे श्रीनिवास पुत्र बनारसी प्रसाद का की डेढ़ बीघा बाग भी चपेट में आ गए। दोनों बागों के लगभग सत्तर से अधिक पेड़ जल गए। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें तेज होने से दमकल को सूचना दी गई। दमकल के आने के बाद आग पर काबू पाया गया। बाग मालिकों के मुताबिक आग से लगभग दो लाख रुपये कीमत के पेड़ जल गए हैं।
मौरावां प्रतिनिधि के अनुसार, हिलौली निवासी लालू चौरसिया का मोती खेड़ा के पास पान की भीट में आग लग गई। इससे लगभग एक बीघा पान का भीट जल गया। भीट में आग लगने से हरी सब्जियां उसी की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों ने पास के ट्यूबवेल से आग पर काबू पाया। लालू की माने तो आग से लगभग एक लाख का नुकसान हुआ है।