जनपद के गंगा बैराज क्षेत्र में एक और बांध बनाया जाएगा। पहले से बने बाएं मार्जिनल बांध के समानांतर इसका निर्माण होगा। दोनों बांधों के बीच की हजारों हेक्टेअर भूमि पर कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्र विकसित करेगा।
प्रदेश सरकार की ओर से गंगा बैराज के पूरे क्षेत्र को विकसित करने की योजना बनाई गई है। 11 दिसंबर को गंगा बैराज क्षेत्र में ही प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास की अत्याधुनिक हाईटेक ट्रांसगंगा सिटी का शिलान्यास किया था।
अब इसी बैराज क्षेत्र की शेष बची भूमि पर केडीए अत्याधुनिक आवासीय व व्यवसायिक क्षेत्र विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इस क्षेत्र के विकसित करने से पहले यहां पर एक नए बांध का निर्माण कराया जाएगा।
मालूम हो कि बैराज क्षेत्र में ही पहले से एक मार्जिनल बांध बना हुआ है। इसी बाएं मार्जिनल बांध के समानांतर (बराबर) एक और बांध का निर्माण होगा। दोनों बांधों के मध्य की लगभग 3000 हेक्टेअर भूमि पर लैंड रिक्लेमेशन के अंतर्गत अत्याधुनिक आवासीय व व्यवसायिक क्षेत्र विकसित करने की योजना केडीए ने बनाई है।
300 करोड़ की लागत से समानांतर बनने वाले इस बांध का निर्माण कराया जाएगा। आयुक्त कानपुर मंडल की ओर से मुख्य सचिव को भेजे गए इस पत्र में मामले की जानकारी दी गई है। बताया गया है कि बांध का प्रस्ताव कानपुर विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में स्वीकृत किया जा चुका है। केडीए की ओर से प्रस्तावित समानांतर बांध के अध्ययन के लिए सिंचाई विभाग को 50 लाख रुपये भी स्वीकृत किए जा चुके हैं।
नीदरलैंड के सहयोग से विकसित होगा क्षेत्र
गंगा बैराज के इस क्षेत्र में दोनों बांधों के बीच की भूमि पर नीदरलैंड के सहयोग से आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। पूर्व में नीदरलैंड की टीम ने क्षेत्र का भ्रमण किया था। टीम ने इस जगह को अत्यधिक उपयोगी बताया है। इस मामले को लेकर औद्योगिक विकास आयुक्त की नीदरलैंड के राजदूत से प्रथम चरण में वार्ता भी हो चुकी है।
गंगा बैराज क्षेत्र में बनेगा नया शहर
निकट भविष्य में गंगा बैराज क्षेत्र में नया अत्याधुनिक शहर बस जाए तो आश्चर्य न होगा। जानकारों की मानें तो इसी क्षेत्र में एक ओर यूपीएसआईडीसी अत्याधुनिक ट्रांसगंगा सिटी विकसित कर रही है। दूसरी ओर कानपुर विकास प्राधिकरण ने आवासीय व व्यवसायिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई है।
लखनऊ मेट्रो के कानपुर तक प्रसार करने की प्रस्तावित कार्ययोजना में भी उन्नाव के इसी क्षेत्र को शामिल किया गया है। आयुक्त कानपुर मंडल की ओर से मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र से भी इस बात को बल मिल रहा है। आयुक्त के मुताबिक, गंगा बैराज बनने के बाद जिस भूमि का रिक्रिएशन हुआ है उस पर एक नया अत्याधुनिक शहर बनाने की संभावनाओं पर तेजी से काम शुरू हो चुका है।