रेलवे क्रासिंग पार कर रहे युवक की पैसेंजर ट्रेन से कटकर मौत हो गई। थाना पुलिस और जीआरपी में सीमा विवाद के चलते देर तक शव ट्रैक पर ही पड़ा रहा। गुरुवार सुबह करीब 11.30 बजे दिल्ली से लखनऊ जा रही शताब्दी एक्सप्रेस खड़ी हो गई। बाद में आरपीएफ के सिपाही मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। करीब 40 मिनट बाद ट्रेन लखनऊ रवाना हुई।
गंगाघाट थाना क्षेत्र के गांधीनगर के पास निषाद मार्केट निवासी मनोज कुमार श्रीवास्तव (50) पुत्र गोपीचंद्र सुबह साइकिल से सिलेंडर लेने जा रहा था। रेलवे क्रासिंग पार करते समय मनोज पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गया। शव डाउन लाइन के ओएचई पोल संख्या- 62/24 के बीच ट्रैक पर पड़ा रहा। सिलेंडर और क्षतिग्रस्त साइकिल काफी दूर जाकर गिरी। इस दौरान शताब्दी एक्सप्रेस सहजनी क्रासिंग पर पहुंची।
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ट्रैक पर शव देख कर सहायक चालक वीके वर्मा ने ट्रेन रोक दी और गेटमैन मुन्ना से शव हटवा कर लाइन क्लीयर करने को कहा। गेटमैन ने टालमटोल कर दी। इस पर चालक ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। गेटमैन ने बताया कि उसने मामले की जानकारी स्टेशन अधीक्षक और जीआरपी को दी थी। दोपहर करीब 12.16 बजे गंगाघाट पुलिस पहुंची। पुलिस ने भी मामला जीआरपी का होने की बात कही।
इधर, शताब्दी खड़े होेने की सूचना पर रेल विभाग में हड़कंप मच गया। कुछ देर बाद आरपीएफ सिपाही धीरज और मुकेश मौके पर पहुंचेे। कीमैन बुद्धीलाल और पैट्रोलमैन बाबूलाल से शव हटाने को कहा। दोनोें खिसक लिए। बाद में आरपीएफ के सिपाहियों ने खुद ही शव को हटाया। करीब 12.30 बजे शताब्दी लखनऊ रवाना हुई।